लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। अपनी मांगों को सरकार और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए लोग आंदोलन का सहारा लेते हैं, लेकिन जब किसी प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़े, तो सवाल उठना भी लाजिमी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को मुंबई से दिल्ली आ रही फ्लाइट में हिरासत में लिए जाने के बाद कुछ ऐसा ही देखने को मिला। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे पार्टी नेताओं की हिरासत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि इसमें सहयात्रियों की नाराजगी सामने आने की बात कही जा रही है। कुछ यात्रियों ने CJP नेताओं के प्रति गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, ‘Shame On You।’
CJP नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास मुंबई से दिल्ली जा रही फ्लाइट में सवार थे। तीनों का इरादा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करने का ऐलान कर चुके थे। हालांकि, दिल्ली पहुंचने के बाद तीनों को विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया गया। ताया जा रहा है कि हिरासत की कार्रवाई पूरी होने तक दूसरे यात्रियों को विमान से उतरने की अनुमति नहीं मिली। इस वजह से यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। फ्लाइट से सफर करने वाले कुछ लोगों ने इस पर नाराजगी जताई। इसी घटना से जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
‘मुझे नहीं पता दीपके कौन हैं’
विमान में मौजूद एक यात्री ने हिरासत की कार्रवाई और उसके चलते हुई परेशानी पर नाराजगी जाहिर की। यात्री के मुताबिक, विमान की लैंडिंग के बाद भी उन्हें इंतजार करना पड़ा। उसने यह भी बताया कि प्लेन के अगले हिस्से से ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे सुनाई दे रहे थे। यात्री ने तंज कसते हुए कहा, “मुझे नहीं पता दीपके कौन हैं। शायद वही ‘कॉकरोच’ होंगे, जो ऐसा बर्ताव कर रहे थे।” उसने सवाल उठाया कि अगर कोई पिछले 36 दिनों से प्रदर्शन कर रहा है, तो क्या अपनी मांगों को उठाने के लिए उसे हर जगह आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी करनी चाहिए? वीडियो में यात्रियों की नाराजगी को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यात्री ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मतदाता सूची से लोगों के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए जाने के मुद्दे का भी जिक्र किया। उसने कहा कि अगर ऐसा हुआ है, तो सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर ध्यान दे सकता है। साथ ही, उसने व्यवस्था पर भरोसा रखने की बात करते हुए सवाल उठाया कि जब हर समस्या का समाधान जनता को खुद ही करना है, तो फिर अदालतों की क्या जरूरत है? फिलहाल, फ्लाइट में हिरासत और सहयात्रियों की नाराजगी से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।











