
फ्लाईदुबई में हुए हमले को लेकर कैप्टन स्मित मच्छार से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बात की है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को कॉकपिट में हुई घटना के बारे में बताया। स्मित ने बताया कि मुस्लिम को-पायलट ने पहले कॉकपिट में ही नमाज पढ़ी उसके बाद पीछे से पहले सिर पर हमला किया था।
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में यह घटना हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान शुरू में सामान्य चल रही थी।
कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि को-पायलट नमाज पढ़ने लगे। यह स्थानीय लोगों में आम बात है, इसलिए उन्होंने सम्मान में आगे की तरफ देखा। करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। पहले उन्हें लगा कि विमान को कोई नुकसान पहुंचा है। लेकिन वार लगातार होते रहे। तब उन्हें समझ आया कि यह हमला कॉकपिट में मौजूद दूसरे व्यक्ति यानी को-पायलट की तरफ से हो रहा है।
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शुरुआती वारों से उनकी नजर धुंधली हो गई। उन्होंने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। उनकी याददाश्त टुकड़ों में है। उन्होंने एक बार दरवाजा खोला, लेकिन वह फिर बंद हो गया। वे कॉकपिट के फर्श पर लेटे हुए थे। उन्हें विमान की आवाज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। उसी समय उन्हें लगा कि यह आखिरी मौका है। उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाई और दरवाजा खोला। बाहर लोग तैयार थे, जिन्होंने नियंत्रण संभाल लिया।
विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और 17,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरा। इसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। सोशल मीडिया पर खून से लथपथ स्मित मच्छार का वीडियो वायरल हुआ था।
यूएई की जांच एजेंसियों ने इसे आतंकी कृत्य बताया है। को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ओमान के नागरिक हैं। उन पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला करने और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश का आरोप है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहले कट्टर विचारों के कारण ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया जा चुका था। आरोपी पायलट को यूएई के हवाले कर दिया गया है।
स्मित मच्छार मुंबई के घाटकोपर के रहने वाले हैं। उनके पास 13 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने 9,500 से अधिक घंटे उड़ान भरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें फोन कर उनकी बहादुरी की सराहना की। फिलहाल वे अस्पताल में रिकवर कर रहे हैं।