
भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वे 31 अक्टूबर को रिटायर होने वाले हैं। इसमें उन्होंने वायुसेना की मौजूदा स्थिति, फाइटर जेट्स की कमी और दूसरे मुद्दों पर बात की।
एयर चीफ मार्शल ने बताया कि फाइटर जेट्स को शामिल करने में देरी हो रही है। इससे नुकसान हो रहा है क्योंकि मिग-21 विमानों को रिटायर करने के बाद स्क्वाड्रन की संख्या कम हो गई है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ सालों में हर साल 36 से 40 विमान जोड़ने की जरूरत है ताकि यह गैप भरा जा सके। उन्होंने साफ कहा कि संख्या कम है लेकिन वायुसेना कमजोर नहीं है।
आदर्श रूप से 42.5 स्क्वाड्रन होने चाहिए, लेकिन अभी सिर्फ 29 रह गए हैं। देश की चुनौतियों को देखते हुए असल में 42 से भी ज्यादा स्क्वाड्रन की जरूरत है।
वे मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA), एलसीए मार्क-1ए और प्रस्तावित मार्क-2 पर नजर रखे हुए हैं। ये मौजूदा और आने वाले गैप को भरेंगे क्योंकि और विमान भी रिटायर होंगे। पांचवीं पीढ़ी के AMCA प्रोजेक्ट को पूरा सपोर्ट दिया जा रहा है। अगर इसमें देरी हुई तो दूसरे फैसले लेने पड़ सकते हैं। 114 राफेल जेट्स का कॉन्ट्रैक्ट इस वित्तीय वर्ष में साइन होने की उम्मीद है। रूस ने सु-57 फिफ्थ जनरेशन जेट्स की पेशकश की है, लेकिन उस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
पाकिस्तान चीनी स्टेल्थ जेट्स खरीद रहा है और अपने पायलटों को चीन में ट्रेनिंग दे रहा है। यह चिंता का विषय है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान 40 तक चीनी जे-35ए स्टेल्थ फाइटर जेट्स ले सकता है। यह चीन का पहला ऐसा एक्सपोर्ट होगा। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के पास कई प्लेटफॉर्म थे लेकिन इंटीग्रेशन नहीं होने की वजह से वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाया। इससे साफ है कि अलग-अलग सिस्टम को एक साथ जोड़ना सबसे जरूरी है।
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वायुसेना को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मजबूत बनाना होगा। आत्मनिर्भरता जरूरी है लेकिन रक्षा तैयारी की कीमत पर नहीं। यह रातोंरात नहीं हो सकती। पूरा इकोसिस्टम बनाना पड़ता है। दिशा सही है, लेकिन रफ्तार सही है या नहीं, इस पर वे फैसला नहीं दे सकते।
वायुसेना थिएटर कमांड के खिलाफ नहीं है। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद नई स्थिति बनी है, इसलिए अंतिम फैसला लेने से पहले सब पहलुओं को देखना चाहिए।अलग से ड्रोन फोर्स बनाने की जरूरत नहीं है। अनमैन्ड सिस्टम और लॉइटरिंग म्यूनिशन को मौजूदा हथियारों और प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ना बेहतर है। ड्रोन एक विकसित होती क्षमता है और इनकी संख्या, किस्म और इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।