केदारनाथ में श्रद्धालु बढ़ रहे हैं तो कचरा भी बढ़ रहा है, पाँच महीने में केदारनाथ में 50.3 टन कचरा एकत्र हुआ है, वाक़ई यह ख़बर डराने वाली है, क्योंकि ये पिछले साल से ढाई गुना ज्यादा है। उत्तराखंड सरकार रिकॉर्ड श्रद्धालु आने का दावा कर रही है तो इधर कूड़ा कचरा भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच केदारनाथ धाम में 50.30 मीट्रिक टन कचरा निकला है। ये पिछले साल के पूरे टूरिस्ट सीजन के मुकाबले ढाई गुना से ज्यादा है। नगर पंचायत के आंकड़ों के अनुसार, प्लास्टिक कचरे का दबाव भी बढ़ा है। लैंडफिल की क्षमता सीमित होने के कारण पर्यावरण पर खतरा बढ़ रहा है। जिला प्रशासन का मानना है यात्री बढ़ेंगे तो कूड़ा करकट भी बढ़ेगा इसके निस्तारण या इसे कम करने के उपाय खोजे भी जा रहे हैं।
डीएम रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा का कहना है कि केदारनागरी में कूड़ा फ़ैलने नहीं दिया जाता, कूड़े दानों से कूड़ा एकत्र हो कर पैदल मार्ग के जरिये कट्टो में नीचे लाया जाता है इस काम को स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही है। हमारी कोशिश है कि हमारा धाम स्वच्छ सुन्दर रहे और मन्दाकनि भी निर्मल बहती रहे।
चारों धामों से एकत्र हो रहा है कूड़ा
नगर पंचायतों के प्रयासों से इस यात्राकाल में अब तक 798 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है। श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ और गंगोत्री में नगर पंचायत प्रशासन विशेष अभियान चलाकर कचरे को निस्तारित कर रहा है। यमुनोत्री में सफाई की व्यवस्था जिला पंचायत के जिम्मे है।
श्री केदारनाथ धाम नगर पंचायत क्षेत्र में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक कुल 32 टन सॉलिड वेस्ट एकत्रित किया जा चुका है, जिसमें 20 टन प्लास्टिक वेस्ट शामिल है। इस बार धाम में शहरी विकास विभाग द्वारा एक अतिरिक्त कॉम्पेक्टर मशीन लगाई गई है। इस तरह जमा सॉलिड वेस्ट को गौरीकुंड पहुंचाया जा रहा है, जिसके बाद इसे नीलाम किया जाएगा। इधर, श्री केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग एवं सफाई का प्रबंधन सुलभ इंटरनेशनल द्वारा किया जाता है। संस्था इस यात्रा सीजन में अब तक 270 टन सॉलिड वेस्ट जमा कर चुकी है, जिसमें से अब तक साढ़े छह टन प्लास्टिक वेस्ट, रिसाइकिल के लिए भेजा जा चुका है।
श्री बदरीनाथ धाम में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक कुल 393 टन कचरा जमा हो चुका है। इसमें से 161 टन सूखा कूड़ा है। बदरीनाथ नगर पंचायत द्वारा धाम में ही सॉलिड वेस्ट को कॉम्पेक्ट किया जा रहा है, इस आधार पर अब तक करीब 24 टन प्लास्टिक वेस्ट को अलग निकाला जा चुका है, जिसमें सर्वाधिक प्लास्टिक वेस्ट पानी की बोतलों का है। इस जमा प्लास्टिक वेस्ट को अब नीलामी के लिए तैयार किया जा रहा है।
98 टन कचरा एकत्रित
श्री गंगोत्री धाम में यात्राकाल में अब तक कुल 98 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है। इसमें नगर पंचायत 22 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर इससे ₹55,000 की आय भी अर्जित कर चुकी है। इसके अलावा ढाई टन खाद भी कूड़े से तैयार की गई है। धाम क्षेत्र में सफाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर पंचायत की ओर से हर रोज विशेष सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है।
श्री यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग में 4.85 टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया है। इसमें 1790 किलो जानकीचट्टी बाजार से ग्रामीण बाजार डामटा तक और 3060 किलो जानकीचट्टी से खरसाली बाजार क्षेत्र से एकत्रित किया गया है। यहां सफाई का जिम्मा जिला पंचायत के पास है।











