ओडिशा का सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा कदम: 23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले; 6,100 रोजगार पैदा होने की संभावना
October 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत ओडिशा

ओडिशा का सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा कदम: 23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले; 6,100 रोजगार पैदा होने की संभावना

ओडिशा ने स्वयं को प्रमुख सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

Written byडॉ. समन्वय नंदडॉ. समन्वय नंद — edited by Lalit Fulara
Sep 21, 2026, 12:50 pm IST
inओडिशा

भुवनेश्वर : ओडिशा ने स्वयं को प्रमुख सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नई दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान वैश्विक और घरेलू प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्योग संगठनों तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों के दौरान राज्य सरकार को लगभग ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावित निवेशों से करीब 6,100 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार के अनुसार, ये निवेश ओडिशा के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत संपूर्ण मूल्य श्रृंखला विकसित करने के राज्य के प्रयासों को गति देंगे।

मुख्यमंत्री की उद्योग जगत के साथ हुई बैठकों का मुख्य उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करना, तकनीकी साझेदारी मजबूत करना और ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जहां वैश्विक और भारतीय कंपनियां ओडिशा में विनिर्माण, नवाचार और अपने कारोबार का विस्तार कर सकें।

वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ संवाद
सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान मुख्यमंत्री माझी ने वैश्विक और घरेलू सेमीकंडक्टर एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्योग संगठनों तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा की। इन बैठकों में जापान, स्वीडन और ताइवान के प्रतिनिधिमंडलों के साथ संवाद शामिल रहा। ओडिशा प्रतिनिधिमंडल ने लैम रिसर्च, एप्लाइड मैटेरियल्स, सिक्ससेम, 3डी ग्लास सॉल्यूशंस, सायंट, लिंडे और होरिबा इंडिया सहित कई प्रमुख कंपनियों के साथ भी चर्चा की।

बैठकों में निवेश की संभावनाओं, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण क्षमता, नवाचार, सहायक बुनियादी ढांचे और कुशल मानव संसाधन के विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान क्वाडक्वांटम के साथ लेटर ऑफ इंटेंट पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) सब्सट्रेट वेफर्स के निर्माण के लिए सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने की योजना है। इससे सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में ओडिशा की भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार के अनुसार, प्राप्त निवेश प्रस्ताव और उद्योग जगत के साथ हुई बातचीत ओडिशा में केवल अलग-अलग परियोजनाएं स्थापित करने के बजाय एक एकीकृत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

नराज में 870 एकड़ में बनेगा ओडिशा सिलिकॉन वैली
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कटक के निकट नराज में 870 एकड़ क्षेत्र में ओडिशा सिलिकॉन वैली विकसित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित सिलिकॉन वैली में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं को स्थान दिया जाएगा। इसे राज्य में प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। नराज को भौगोलिक और औद्योगिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है । यह कटक-भुवनेश्वर शहरी गलियारे के निकट है और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, पारादीप और धामरा जैसे महत्वपूर्ण बंदरगाहों तक इसकी पहुंच है, जिससे औद्योगिक उपकरणों, कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिल सकती है।

सरकार के अनुसार, ये संपर्क सुविधाएं सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स और इससे जुड़े उद्योगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। सेमीकंडक्टर निर्माण और असेंबली इकाइयों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और बिजली की विश्वसनीय उपलब्धता आवश्यक होती है। महानदी नदी के निकट होने के कारण नराज को औद्योगिक जल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिहाज से भी संभावित लाभ प्राप्त है। शहरी केंद्रों, राजमार्गों और बंदरगाहों से संपर्क तथा उपलब्ध बुनियादी ढांचे की संभावनाओं को देखते हुए नराज को ओडिशा में विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए प्रमुख स्थान के रूप में तैयार किया जा रहा है।

‘इरादे से क्रियान्वयन’ की ओर बढ़ रहा ओडिशा
ओडिशा की सेमीकंडक्टर यात्रा पर मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि राज्य निवेश संबंधी इरादों से आगे बढ़कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “ओडिशा की सेमीकंडक्टर यात्रा इरादे से क्रियान्वयन की ओर तेजी से बढ़ रही है। हम सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने में सफल रहे हैं और महत्वपूर्ण रूप से प्रमुख परियोजनाओं को क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाया है।”

उन्होंने कहा कि सेमीकॉन इंडिया 2026 में उद्योग जगत के प्रमुख लोगों के साथ हुई चर्चा का उद्देश्य इस गति को आगे बढ़ाना और ओडिशा में सेमीकंडक्टर निवेश के अगले चरण को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना चाहते हैं, जहां वैश्विक और भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियां विनिर्माण कर सकें, नवाचार कर सकें और विकास कर सकें।”

ओडिशा पवेलियन में सेमीकंडक्टर क्षमता का प्रदर्शन
सेमीकॉन इंडिया 2026 में ओडिशा अपने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की क्षमता और निवेश संभावनाओं को राज्य पवेलियन के माध्यम से प्रदर्शित कर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में ओडिशा पवेलियन का उद्घाटन किया। पवेलियन में ओडिशा की सेमीकंडक्टर संभावनाओं, प्रमुख परियोजनाओं, नीतिगत प्रोत्साहनों, बुनियादी ढांचे तथा निवेश अवसरों को प्रदर्शित किया गया है। इसमें सेमीकंडक्टर विनिर्माण, उन्नत पैकेजिंग, चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को प्रमुखता दी गई है।

आरआईआर पावर, सिक्ससेम, 3डी ग्लास सॉल्यूशंस और एआरएफ डिजाइन से जुड़ी परियोजनाओं को भी पवेलियन में प्रदर्शित किया गया है। राज्य ने सेमीकंडक्टर डिजाइन और नवाचार के क्षेत्र में शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों की भूमिका को भी सामने रखा है। एनआईटी राउरकेला और पीएमईसी, ब्रह्मपुर जैसे संस्थान भारत में निर्मित चिप के विकास और डिजाइन से जुड़े प्रयासों में योगदान दे रहे हैं।

इस प्रकार ओडिशा पवेलियन राज्य की सेमीकंडक्टर रणनीति को केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं रखता, बल्कि चिप डिजाइन, अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी शिक्षा और विशेषज्ञ मानव संसाधन के विकास पर भी जोर देता है।

‘सैंड टू सिलिकॉन’ से औद्योगिक विरासत और तकनीकी भविष्य का मेल
ओडिशा पवेलियन की प्रमुख विशेषताओं में ‘सैंड टू सिलिकॉन’ इंस्टॉलेशन शामिल है। यह ओडिशा के सेमीकंडक्टर क्षेत्र की यात्रा को राज्य की विशिष्ट पहचान से जोड़ते हुए प्रस्तुत करता है। यह इंस्टॉलेशन राज्य की औद्योगिक पहचान और प्राकृतिक संसाधनों को सिलिकॉन तथा उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उभरती महत्वाकांक्षाओं से जोड़ता है।

यह अवधारणा राज्य के व्यापक दृष्टिकोण ‘माइन इकोनॉमी से माइंड इकोनॉमी’ की ओर बढ़ने से भी जुड़ी है। इसमें ज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और कुशल मानव संसाधन को भविष्य की आर्थिक वृद्धि के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया गया है। इसके माध्यम से ओडिशा अपने सेमीकंडक्टर अभियान को राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव के हिस्से के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसमें पारंपरिक औद्योगिक क्षमताओं के साथ उभरते प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है।

भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के अनुरूप नीति में बदलाव
निवेश आकर्षित करने और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ओडिशा सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए अपने नीतिगत समर्थन का भी विस्तार किया है। राज्य ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के अनुरूप अपनी सेमीकंडक्टर नीति में बदलाव किया है। हालिया तीसरे नीति संशोधन के माध्यम से सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए समर्थन का विस्तार किया गया है।

संशोधित नीति के तहत ओडिशा ने सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण, सेमीकंडक्टर-ग्रेड गैस, कच्चे माल और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े आईएसएम-अनुमोदित परियोजनाओं के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। नीति में इंजीनियरों के स्थानांतरण, मानव संसाधन प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अंतरराष्ट्रीय पेटेंट और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए भी सहायता का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य ऐसा व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जो सेमीकंडक्टर विनिर्माण के साथ-साथ उपकरण, सामग्री, गैस, आपूर्ति श्रृंखला, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास से जुड़ी कंपनियों को भी आकर्षित कर सके।

अलग-अलग परियोजनाओं के बजाय पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर जोर
ओडिशा के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने कहा कि राज्य का ध्यान अलग-अलग परियोजनाओं के बजाय सेमीकंडक्टर निवेश के आसपास संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर है।

महालिंग ने बताया कि हमारा दृष्टिकोण सेमीकंडक्टर निवेश के आसपास पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, परियोजनाओं को अलग-अलग देखना नहीं। उन्होंने कहा कि ओडिशा ने आईएसएम 2.0 के अनुरूप अपनी नीति व्यवस्था तैयार करने की दिशा में शुरुआती कदम उठाया है और उपकरण, सामग्री, गैस तथा आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों के लिए समर्थन का विस्तार किया है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हम विशेषज्ञ मानव संसाधन में निवेश कर रहे हैं और कंपनियों के लिए राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित करने तथा उनका विस्तार करने के लिए आवश्यक परिस्थितियां तैयार कर रहे हैं। सरकार के अनुसार, सेमीकंडक्टर कंपनियों को आकर्षित करने और उन्हें राज्य में अपने कारोबार का विस्तार करने में सक्षम बनाने के लिए विशेषज्ञ तकनीकी मानव संसाधन और आवश्यक कौशल महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री ने अश्विनी वैष्णव से की चर्चा
सेमीकॉन इंडिया 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ भी ओडिशा के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के विषय पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं के बीच राज्य के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के अगले कदमों पर चर्चा हुई। इसमें निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और कौशल विकास पर विशेष जोर रहा।

माझी ने कहा कि ओडिशा एक मजबूत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह चर्चा ऐसे समय हुई है जब ओडिशा अपनी सेमीकंडक्टर पहलों को राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप आगे बढ़ाने और मूल्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों में निवेश आकर्षित करने के प्रयास कर रहा है।

भारत की सेमीकंडक्टर विकास यात्रा में ओडिशा की भूमिका
सेमीकॉन इंडिया 2026 में प्राप्त ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, नराज में प्रस्तावित 870 एकड़ की ओडिशा सिलिकॉन वैली, क्वाडक्वांटम के साथ लेटर ऑफ इंटेंट और विस्तारित नीतिगत प्रोत्साहन ओडिशा की सेमीकंडक्टर रणनीति के प्रमुख घटक हैं। राज्य सेमीकंडक्टर विनिर्माण, उन्नत पैकेजिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपकरण, कच्चे माल, विशेषज्ञ गैस, अनुसंधान एवं विकास और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े क्षेत्रों को एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र में जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

सरकार कुशल रोजगार और उद्योग-शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत संबंधों पर भी जोर दे रही है, ताकि इस क्षेत्र के लिए आवश्यक विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार किया जा सके। नराज में प्रस्तावित सिलिकॉन वैली, प्रमुख बंदरगाहों और शहरी केंद्रों से संपर्क, विस्तारित नीतिगत प्रोत्साहन तथा वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ बढ़ते संवाद के माध्यम से ओडिशा सेमीकॉन इंडिया 2026 में स्वयं को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश के उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

राज्य इस पहल को ज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण तथा भारत की सेमीकंडक्टर विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देने के व्यापक दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में आगे बढ़ा रहा है।

Topics: सेमीकंडक्टरOdishaओडिशाSemiconductorChief Minister Mohan Charan Majhiमुख्यमंत्री मोहन चरण माझीSemicon India 2026सेमीकॉन इंडिया 2026
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

ओडिशा : राजनाथ सिंह ने स्वदेशी एयरो-इंजन क्षमता मजबूत करने का किया आह्वान, एचएएल कोरापुट ने बनाया 2,000वां इंजन

50 एकल बच्चों ने किए महाप्रभु जगन्नाथ के भव्य दर्शन, गांव से जगन्नाथ धाम तक आस्था का सेतु

Mahanadi Water Dispute Meeting Amit Shah Vishnu Deo Sai Mohan Charan Majhi Panchjanya

महानदी जल विवाद सुलझाने में जुटे अमित शाह: छत्तीसगढ़-ओडिशा के CM संग बैठक, साय बोले- ‘किसी की हार न हो’!

CM माझी ने कहा- SIR पारदर्शी प्रक्रिया, चुनावी हार के बाद कांग्रेस देश में अराजकता पैदा करने का कर रही प्रयास

CM माझी ने कहा- पंडित दीनदयाल का ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ ही समृद्ध ओडिशा की नींव 

‘भारत बन रहा आर्थिक सेतु’

Load More

ताज़ा समाचार

अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन के बारे में सूचना दी गई थी।

‘दीपके को दादी के निधन की खबर दी थी’, दिल्ली पुलिस ने CJP के आरोपों को खारिज कर वीडियो जारी किया

गुरुद्वारा बंगला साहिब में घुसे प्रदर्शनकारी

गुरुद्वारा बंगला साहिब: केजरीवाल और AAP नेताओं पर गुरु घर के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप, दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले साल अगस्त में अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी।

ट्रंप की रूस नीति: ऊर्जा सुरक्षा, चीन की महत्वाकांक्षाएं और भारत की कूटनीतिक दूरदर्शिता

राहुल गांधी और डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम

“Smash the Patriarchy” का सच? JNU प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद पर गंभीर आरोप, राहुल गांधी की चुप्पी पर उठे सवाल

Bharat Bhushan tiwari Fact check

दिल्ली में NSG जवानों को डिप्लॉय किए जाने का वीडियो वायरल, PIB ने बता दी सच्चाई

मुख्यमंत्री धामी ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया

US President Donald Trump

Explainer: रूसी तेल अमेरिका खुद खरीदे तो अच्छा, लेकिन भारत वही करे तो बुरा कैसे?

गुवाहाटी में बड़ी कार्रवाई: 57 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए, फर्जी आधार कार्ड बरामद

राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

वामपंथी प्रभाव में कांग्रेस: राहुल गांधी की विचारधारा और हिंदुत्व विरोधी रुख

नवनेथेम “नावी” पिल्लै: रंगभेदी दक्षिण अफ्रीका से नोबेल शांति पुरस्कार तक

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies