
इंदौर (मध्य प्रदेश)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सौ वर्षों की तपस्या, विचार, कार्यपद्धति और समाज जीवन में उसके अतुलनीय योगदान को एक ही स्थान पर अनुभव करने के लिए इंदौर में ‘संघ अनुभव शाला’ की स्थापना की गई है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शुक्रवार शाम डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के सुदर्शन भवन परिसर में निर्मित इस भव्य अनुभवशाला का औपचारिक लोकार्पण किया. प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन करने के बाद उन्होंने इसे ‘गागर में सागर भरने वाली प्रदर्शनी’ करार दिया.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस गरिमामय लोकार्पण कार्यक्रम में समाज के तमाम प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे. इस दौरान अनुभवशाला के निर्माण में अहम योगदान देने वाले शिल्पकारों व निर्माताओं का सम्मान भी किया गया.
अपने मुख्य संबोधन में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि ‘अनुभवशाला’ नाम अपने आप में पूर्णतया सार्थक है. संघ एक ऐसा अनूठा संगठन है जिसकी तुलना में दुनिया या निकट इतिहास में अन्य कोई दूसरा संगठन देखने को नहीं मिलता. यही कारण है कि संघ को जानने और गहराई से समझने के लिए यह अनुभवशाला एक बेहतरीन और जीवंत प्रयोग है.
“संघ परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को पूरी तरह ढालने का सामर्थ्य रखता है, लेकिन उसकी कुछ मूल बातें ऐसी हैं जो शाश्वत और अपरिवर्तनीय हैं। इन दोनों पहलुओं को भली-भांति समझने के लिए अनुभव की आवश्यकता होती है। संघ का प्रत्यक्ष अनुभव इसके किसी कार्यक्रम में तीन-चार दिन साथ रहकर या इसके कार्यालयों के वातावरण को देखकर प्राप्त किया जा सकता है। उसी प्रत्यक्ष अनुभव को एक सीमित स्थान में समेटने का प्रयास इस अनुभवशाला में किया गया है।” – डॉ. मोहन भागवत, सरसंघचालक, RSS
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी संघ का प्रत्यक्ष दर्शन कराने वाली ऐसी व्यवस्था है जिसके माध्यम से आगंतुक संघ की सदी भर की यात्रा और उसके राष्ट्रव्यापी सेवा कार्यों को एक नई और स्पष्ट दृष्टि से समझ सकते हैं.
संघ अनुभव शाला की रूपरेखा की जानकारी देते हुए मोहित जैन ने बताया कि ‘एक विचार, एक यात्रा—राष्ट्र प्रथम’ की मूल भावना पर आधारित यह प्रदर्शनी संघ के सौ वर्षों के सफर को सरल, रोचक और अत्याधुनिक माध्यमों से प्रस्तुत करती है. यहां आने वाले आगंतुकों के सामने मुख्य रूप से तीन प्रश्न रखे गए हैं—संघ क्या है?, इसकी स्थापना क्यों हुई?, और संघ कैसे कार्य करता है?
अनुभवशाला के मुख्य आकर्षण और आयाम:
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के उमेश वर्मा ने किया, जबकि समिति के सचिव राकेश यादव ने सभी का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, इंदौर विभाग संघचालक मुकेशजी मोढ, समिति के अध्यक्ष ईश्वरजी हिंदुजा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.