भुवनेश्वर के Vivanta Bhubaneswar DN Square में आयोजित ‘पाञ्चजन्य सुशासन संवाद – ओडिशा की उड़ान 2.0’ कार्यक्रम में पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर जी के साथ संवाद के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी ने राज्य के विकास, सुशासन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री जी ने बताया कि सरकार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई की शुरुआत की है, ताकि आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को 90 दिनों की समय-सीमा दी गई है और अब तक 90 से 95 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। मोहन चरण माझी जी ने कहा कि ओडिशा विकसित भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ओडिशा केवल कच्चा माल उपलब्ध कराने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि यहां फिनिश्ड प्रोडक्ट निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने महिलाओं के लिए 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, औद्योगिक निवेश, आईटी, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर में विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही ग्रेटर भुवनेश्वर परियोजना, Capital Region Ring Road और आधुनिक आधारभूत संरचना के जरिए ओडिशा को देश के शीर्ष विकसित राज्यों में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी ने ओडिशा में उभरते रक्षा और तकनीकी क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ड्रोन निर्माण इकाई से तत्काल ड्रोन उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। शुरुआती चरण में होने के बावजूद कंपनी ने अपनी क्षमता के अनुसार पांच ड्रोन तैयार किए। मुख्यमंत्री जी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन ड्रोनों का महत्वपूर्ण उपयोग हुआ और वे पाकिस्तान के भीतर लगभग 500 किलोमीटर तक मिशन पूरा कर सुरक्षित वापस लौटे।

















