धर्म-संस्कृति

7 सितंबर पंचांग: अजा एकादशी पर बन रहे शुभ संयोग, इस समय पूजा करना रहेगा बेहद फलदायी

पंचांग के अनुसार, आज कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शाम 5 बजकर 03 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। आज व्यतीपात योग सुबह 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा और इसके बाद वरीयान योग शुरू हो जाएगा, जो 8 सितंबर की तड़के 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

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Mahak Singh

आज 7 सितंबर 2026 को अजा एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है। खास बात यह है कि इस बार अजा एकादशी पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिसके चलते धार्मिक दृष्टि से आज का दिन और भी खास माना जा रहा है। अजा एकादशी के अवसर पर भक्त भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले फूल और फल अर्पित कर उनकी आराधना कर सकते हैं। साथ ही विष्णु मंत्रों का जाप और भगवान का स्मरण करना भी शुभ माना जाता है। ऐसे में अगर आप आज पूजा-पाठ या कोई धार्मिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो पहले आज का पंचांग और शुभ-अशुभ समय जान लेना बेहतर रहेगा।

आज की तिथि और योग

पंचांग के अनुसार, आज कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शाम 5 बजकर 03 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। आज व्यतीपात योग सुबह 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा और इसके बाद वरीयान योग शुरू हो जाएगा, जो 8 सितंबर की तड़के 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। करण की बात करें तो बव करण सुबह 6 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। इसके बाद बालव करण शाम 5 बजकर 03 मिनट तक रहेगा और फिर कौलव करण शुरू होगा। आज सूर्योदय सुबह 6:02 बजे और सूर्यास्त शाम 6:36 बजे होगा। चंद्रोदय रात 2:50 बजे, जबकि चंद्रास्त अपराह्न 4:01 बजे होगा। सूर्य सिंह राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा दोपहर 12:38 बजे तक मिथुन राशि में रहेंगे और इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।

आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 3:59 बजे से शाम 5:29 बजे तक है। भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठान के लिए इन शुभ समय को उपयोगी माना जाता है। आज राहुकाल सुबह 7:36 बजे से 9:10 बजे तक रहेगा। वहीं गुलिक काल दोपहर 1:53 बजे से 3:27 बजे और यमगंड सुबह 10:45 बजे से 12:19 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। आज चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में रहेंगे। यह नक्षत्र शाम 6:14 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति माने जाते हैं और इसकी अधिष्ठात्री देवी अदिति हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे ज्ञान, आशावाद, सरलता और आध्यात्मिकता से जोड़कर देखा जाता है।

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