
भुवनेश्वर: भुवनेश्वर की एक विधवा महिला ने जाजपुर जिले के बिंझारपुर थाने में एक युवक और उसके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी, सामान और पैसे लेकर चले जाने तथा कनवर्जन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवक से संपर्क होने के बाद दोनों करीब चार वर्षों तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और बाद में नोटरी के माध्यम से विवाह किया। महिला के अनुसार, विवाह के बाद युवक ने उससे करीब दो लाख रुपये, महंगा मोबाइल फोन और स्कूटी ले ली तथा बाद में संपर्क तोड़कर फरार हो गया।
पीड़िता भुवनेश्वर के भरतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। उसके अनुसार, जाजपुर जिले के बिंझारपुर थाना क्षेत्र के मुगल मोहल्ला/सयेदपुर निवासी सादिक खान से उसकी पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से वर्ष 2022 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। महिला के मुताबिक, करीब डेढ़ वर्ष बाद दोनों ने नोटरी में शादी की। इसके बाद सादिक जहां भी काम करता था, वह उसके साथ रहती थी। महिला ने बताया कि वह कुछ समय तक सादिक के साथ झारखंड में भी रही थी।
त्योहार का बहाना बनाकर गया, फिर नहीं लौटा
पीड़िता का आरोप है कि एक दिन सादिक ने उससे कहा कि उसका एक त्योहार है और त्योहार मनाने के बाद वह वापस लौट आएगा। हालांकि, इसके बाद वह वापस नहीं आया। महिला के अनुसार, सादिक ने अपना मोबाइल नंबर भी बदल लिया, जिसके कारण उससे संपर्क करना मुश्किल हो गया। कई बार संपर्क करने में असफल रहने के बाद महिला ने सादिक के माता-पिता को फोन किया और उनके बेटे से संपर्क कराने का अनुरोध किया। महिला ने कहा कि परिवार की ओर से उसे बताया गया कि उन्हें सादिक के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
इसके बाद महिला महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता के साथ बिंझारपुर थाने पहुंची और मामले की शिकायत की। महिला के अनुसार, बाद में सादिक और उसके परिवार से बातचीत का प्रयास किया गया।
मौलाना के घर पर बातचीत में कनवर्जन का दबाव
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद जाजपुर के मुगल मोहल्ला में एक मौलाना के घर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। महिला के अनुसार, वहां सादिक के मामा कलाम मिर्जा ने उससे कहा कि वह हिंदू है, जबकि उनका परिवार मुस्लिम है। वह आयु में भी सादिक से बडी है। इसलिए उसे परिवार में स्वीकार करना संभव नहीं है ।
महिला ने यह भी बताया कि उससे कहा गया कि यदि वह परिवार की बहू के रूप में रहना चाहती है तो उसे अपना हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल करना होगा। इस पर महिला ने स्पष्ट किया कि जब उसने सादिक से संबंध बनाया था, तभी यह बात स्पष्ट कर दी थी कि वह किसी भी परिस्थिति में अपना धर्म नहीं बदलेगी। उसका कहना है कि सादिक मुस्लिम रह सकता है और वह हिंदू के रूप में ही रहेगी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उससे अपने दोनों बच्चों को छोड़ने के लिए कहा गया। महिला ने इसका भी विरोध करते हुए कहा कि वह न तो अपना धर्म छोड़ेगी और न ही अपने बच्चों को।
करीब चार साल तक साथ रहने का दावा
महिला के साथ थाने पहुंचीं सामाजिक कार्यकर्ता स्वयंप्रभा साहू ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि दोनों करीब चार वर्षों से एक साथ रह रहे थे। उन्होंने कहा कि दोनों ने नोटरी के माध्यम से विवाह किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल नोटरी के माध्यम से किया गया ऐसा विवाह अपने आप में वैध विवाह का प्रमाण नहीं माना जाता, लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों लंबे समय तक पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे थे।
सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि सादिक को पहले से पता था कि महिला हिंदू है, वह विधवा है और उसके दो बच्चे हैं। इसके बावजूद उसने लंबे समय तक महिला के साथ संबंध बनाए और अब उसे छोड़ दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सादिक महिला की धार्मिक पहचान और पारिवारिक स्थिति से परिचित था, तो बाद में धर्म परिवर्तन की शर्त क्यों रखी जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला से करीब दो लाख रुपये, मोबाइल फोन और स्कूटी लेने के बाद युवक ने उससे दूरी बना ली। सामाजिक कार्यकर्ता स्वयंप्रभा साहू ने कहा कि महिला को न्याय दिलाने के लिए वे मामले को आगे तक ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि यदि थाना स्तर पर महिला को न्याय नहीं मिलता है तो पुलिस अधीक्षक से शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के समक्ष भी मामला उठाया जाएगा।