नई दिल्ली: नेपाल बाढ़ त्रासदी के बीच भारत में भी डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर भाखड़ा नांगल बांध को लेकर फर्जी दावा किया जा रहा है। इसे कई सोशल मीडिया हैंडल्स ने शेयर किया है। इस भ्रामक दावे में कहा गया है कि भाखड़ा नांगल बांध की दीवार में 1.77 इंच का झुकाव आ गया है। यह भी झूठ फैलाया जा रहा है कि बांध की दीवार टूटने वाली है और इससे दिल्ली समेत कई बड़े शहरों के बाढ़ में डूबने का गंभीर खतरा है।
पूरा विश्व अभी नेपाल बाढ़ त्रासदी देख रहा है, इसी बीच इस झूठे वीडियो ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। भारत सरकार के प्रेस सूचना कार्यालय पीआईबी ने इस दावे का फैक्ट चेक कर इसकी पूरी सच्चाई सामने ला दी है।
क्या है वायरल दावे की सच्चाई?
पीआईबी फैक्ट चेक ने दावे को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार दिया है। आधिकारिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि भाखड़ा नांगल बांध के टूटने या दिल्ली में बाढ़ आने जैसे दावों में कोई सच्चाई नहीं है।
पीआईबी द्वारा बताया गया कि 27 अगस्त 2026 को बांध की दीवार में दर्ज किया गया वास्तविक झुकाव 1.77 इंच नहीं, बल्कि मात्र 0.86 इंच था। तकनीकी मापदंडों पर बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।
बांध की सुरक्षा को लेकर सभी तकनीकी मापदंडों की भी जांच की गई है। बांध की स्थिति बिल्कुल सामान्य है। बांध से संबंधित तनाव , खिंचाव, पानी का दबाव और रिसाव जैसी सभी महत्वपूर्ण तकनीकी चीजें सुरक्षित सीमा (Permissible Limit) में हैं। भाखड़ा नांगल बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।
📢 विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा एक वीडियो साझा कर दावा किया जा रहा है कि वर्तमान में भाखड़ा नांगल बांध की दीवार में 1.77 इंच का झुकाव आया है और बांध की दीवार टूटने पर दिल्ली समेत कई शहरों के बाढ़ में डूबने की आशंका है।#PIBFactCheck
❌ यह दावा भ्रामक है।
✅ 27.08.2026 को… pic.twitter.com/n5fpTXHiTi
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 28, 2026
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर व्यूज और सनसनी फैलाए जा रहे वीडियो के झांसे में न आएं। किसी भी तरह की जानकारी या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।

















