
शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्ति के दावे करने वाली आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के उक्त दावों की पोल आज जेनरेशन एल्फा ने पोल खोल कर रख दी। कपूरथला जिले के सरकारी हाई स्कूल शेखूपुर में बुधवार सुबह उस समय हंगामा हो गया, जब सैकड़ों छात्रों ने स्कूल का मुख्य गेट बंद कर सडक़ पर धरना शुरू कर दिया।
करीब 2 घंटे तक चले प्रदर्शन में छात्रों ने स्कूल की सुरक्षा और शिक्षक के तबादले को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि स्कूल परिसर के बीच बने बाथरूम के ठीक ऊपर से 11 केवी की बिजली लाइन गुजर रही है। छात्रों का कहना था कि रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस स्थान से आते-जाते हैं। ऐसे में हाईवोल्टेज तारों के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने मांग की कि बिजली लाइन को स्कूल परिसर से बाहर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
छात्रों की दूसरी प्रमुख मांग एक शिक्षक के तबादले को लेकर थी। विद्यार्थियों ने बताया कि उक्त शिक्षक को प्रतिनियुक्ति पर दूसरे स्कूल भेजा जा रहा है। छात्रों का कहना था कि शिक्षक पढ़ाई में उनका काफी सहयोग करते हैं और उनके जाने से पढ़ाई प्रभावित होगी। इसलिए उनका तबादला रद किया जाए।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही डीएसपी उपमंडल डा. शीतल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी मांग को अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उचित समाधान का प्रयास होगा। धरने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी स्कूल पहुंच गए। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पावरकॉम के एसडीओ सुरिंदर ने बताया कि स्कूल के अंदर ट्रांसफार्मर लगाने की बात अफवाह थी। उन्होंने कहा कि स्कूल के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन को दो नए खंभों के पास डेड किया जाएगा और इसके बाद लाइन स्कूल के पीछे से रहेगी। आगे के हिस्से में केबल डाली जाएगी, जिसमें दोहरी-तिहरी इंसुलेशन होती है। उन्होंने इसे स्कूल की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित व्यवस्था बताया। प्रशासन और पुलिस के आश्वासन के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया और स्कूल का गेट खोल दिया। इसके बाद पढ़ाई सामान्य रूप से शुरू हो गई।