हरिद्वार : झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर योगगुरु स्वामी रामदेव ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में चारों तरफ हंगामा है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे स्कूल-कॉलेजों से बच्चे निकल रहे हैं। कहीं शिक्षक, किताब, बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तो कहीं सुविधाएं होने के बावजूद पढ़ाई में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं।
सरकारी विभागों की नौकरियों में अपनी जाति वालों को प्राथमिकता
स्वामी रामदेव ने आरोप लगाया कि खासकर सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान बड़े स्तर पर घोटाले होते हैं। उन्होंने कहा कि अपने जाति, वर्ग, समुदाय और विचारधारा से जुड़े लोगों को नौकरी दी जाती है और बाकी लोगों को धक्का दे दिया जाता है। उन्होंने इसे अपमानजनक और लोकतंत्र के खिलाफ बताया। कहा कि एक तरफ सत्यमेव जयते की बात होती है और दूसरी तरफ पहले से तय करके पैसे लेकर नौकरियां बांटने के आरोप लगते हैं। यदि देश में लगातार आंदोलन चलते रहेंगे तो देश कैसे चलेगा।
उन्होंने दो टूक कहा कि अभी भी समय है, व्यवस्था में सुधार कर लिया जाए, अन्यथा देश में और आंदोलन हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन नहीं करने की बात कही। साथ ही कहा कि देश में घपले बहुत हैं, इन्हें ठीक किया जाना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि बाबा रामदेव को दोबारा आंदोलन करना पड़े।
संसद में पक्ष-विपक्ष के बीच नफरत पर भी जताई चिंता
स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में नफरत और घृणा का माहौल नहीं होना चाहिए। संसद में पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के खिलाफ इस तरह खड़े हैं, जैसे पाकिस्तान और हिंदुस्तान आमने-सामने हों। राजनीतिक और जातीय तौर पर नफरत करने वालों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को विपक्ष से माता-पिता के समान प्यार करना चाहिए।
युवाओं से धूम्रपान से दूर रहने की अपील
जेन-जी प्रोटेस्ट में शामिल युवक-युवतियों को लेकर भी रामदेव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के नाम पर कुछ युवक बीड़ी-सिगरेट का खुलेआम धुआं उड़ा रहे हैं और इसमें युवतियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब यह नहीं है कि हम अपने स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों को अपनाएं।
पतंजलि योगपीठ में किया ध्वजारोहण
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ में ध्वजारोहण किया और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण सहित कई साधक मौजूद रहे। कार्यक्रम में देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
















