झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के रांची पहुंचने पर प्रदर्शनकारी छात्रों की अलग-अलग राय सामने आई। कई छात्रों ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों का है और इसमें राजनीतिक संगठनों की भूमिका नहीं होनी चाहिए। वहीं कुछ ने सवाल उठाया कि यदि छात्रों का समर्थन करना था तो पहले सक्रियता क्यों नहीं दिखाई गई। इस बीच नेहा बोरा पर हुए स्याही हमले के बाद उन्होंने RSS और BJP पर आरोप लगाए। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम पर खुद रांची के प्रदर्शनकारी छात्र क्या सोचते हैं?
देखिए पांचजन्य की ग्राउंड रिपोर्ट, जहां छात्रों ने खुलकर अपनी राय रखी।
















