केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने अच्छा काम किया है। सरकार ने खुद बताया है कि इस योजना के तहत अब तक 50.06 लाख से ज्यादा परिवारों को फायदा मिल चुका है। यह दुनिया का सबसे बड़ा घरेलू रूफटॉप सोलर प्रोग्राम है। योजना शुरू हुए महज दो साल में यह नंबर पहुंचा है। पहले दस साल में सिर्फ 7.94 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगे थे, लेकिन अब रफ्तार बहुत तेज हो गई है। योजना का बजट 75,021 करोड़ रुपये का है।
हर छह दिन में एक लाख परिवार जुड़ रहे
योजना की मांग काफी बढ़ गई है। अभी लगभग हर छह दिन में एक लाख नए परिवार इससे जुड़ रहे हैं। पिछले नौ महीनों में इंस्टॉलेशन की स्पीड तीन गुना से ज्यादा बढ़ी है। अक्टूबर 2025 में रोजाना औसतन 5,038 सिस्टम लग रहे थे। जुलाई 2026 में यह आंकड़ा करीब 16,328 प्रतिदिन पहुंच गया। जुलाई 2026 इस योजना का सबसे अच्छा महीना रहा। सिर्फ इसी महीने में 5.06 लाख परिवारों को फायदा मिला, जो अब तक किसी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
सब्सिडी सीधे खाते में
सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए लोगों के खातों में अब तक 28,024 करोड़ रुपये की सब्सिडी भेज दी है। इससे सोलर सिस्टम लगाने का खर्च काफी कम हो गया है और आम परिवार आसानी से इसे लगा पा रहे हैं।
नौ लाख परिवारों का बिल जीरो
योजना की वजह से लगभग 19 लाख परिवारों का बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य हो चुका है। इसके अलावा 12 लाख से ज्यादा परिवारों ने अपनी अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेची। वित्त वर्ष 2024-25 में इन परिवारों ने कुल 421 करोड़ रुपये कमाए। हर परिवार को औसतन करीब 3,500 रुपये सालाना अतिरिक्त आमदनी हुई।
गरीब परिवारों पर खास ध्यान
सरकार गरीब और कमजोर वर्ग तक योजना पहुंचाने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, गरीबी रेखा से नीचे और एससी-एसटी परिवारों के लिए चार राज्यों में करीब 1.6 लाख इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। इस मॉडल को अब 12 राज्यों में लागू करने की मंजूरी भी मिल गई है।
इसे भी पढ़ें: शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह करने वाले छात्र संगठनों के बीच भयानक जंग, बांग्लादेश में रंगपुर से लेकर ढाका तक अशांति
रोजगार और ट्रेनिंग भी
योजना से सिर्फ बिजली नहीं, रोजगार भी बन रहा है। सोलर इंडस्ट्री में मांग बढ़ने से काफी लोगों को काम मिला है। अब तक 34,219 वेंडर रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिनमें से 29,469 सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। अलग-अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम में 2.32 लाख से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। कुल मिलाकर योजना के तहत 14.8 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता लगाई जा चुकी है।














