
बेंगलुरु में उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन वाले पोस्टर लहराने पर एक महिला के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में छात्रों के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। यह प्रदर्शन मूल रूप से NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक के विरोध में आयोजित किया गया था। लेकिन प्रदर्शन के बीच कुछ ऐसे पोस्टर नजर आए, जिन पर लिखे नारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात युवती के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को फ्रीडम पार्क में आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर्नाटक विद्यार्थी संगठने (KVS) ने किया था। इसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) समेत कई छात्र संगठनों के सदस्य शामिल हुए। पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 1,000 से 1,500 छात्र मौजूद थे। प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने भीड़ में एक युवती को कुछ पोस्टर पकड़े हुए देखा। पुलिस का आरोप है कि उन पोस्टरों पर “उमर खालिद जिंदाबाद”, “शरजील इमाम जिंदाबाद” और “उखाड़ ले BLR पुलिस” जैसे नारे लिखे थे। पुलिस का कहना है कि ऐसे पोस्टर सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते थे।
पुलिस के मुताबिक, जब अधिकारियों ने पोस्टर जब्त करने की कोशिश की तो युवती भीड़ में चली गई और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उसे अपने बीच छिपा लिया। भारी भीड़ होने के कारण पुलिस उसकी पहचान नहीं कर सकी और न ही पोस्टर बरामद हो पाए। घटना के बाद आसपास तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मौके पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो की जांच शुरू की। शुरुआती जांच के आधार पर अज्ञात महिला के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने और माहौल बिगाड़ने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की मदद से युवती की पहचान करने का प्रयास जारी है और पहचान होने पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि उमर खालिद और शरजील इमाम 2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ मामला अदालत में लंबित है। ऐसे में उनके समर्थन से जुड़े पोस्टरों के सामने आने के दावे ने इस पूरे घटनाक्रम को चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।