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ईरान में बड़ा नरसंहार: दो दिनों में मारे गए 36,500+ लोग

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट: खाड़ी संकट के दौरान सुरक्षा बलों ने 8-9 जनवरी को 36,500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को मारा। 400 शहरों में हिंसा, IRGC डॉक्यूमेंट्स में खुलासा।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jul 26, 2026, 06:51 am IST
inविश्व
Iran regime killed more than 36000 thousands

खाड़ी संकट के बीच ईरान में उसके सुरक्षा बलों ने विरोधियों को बड़े पैमाने पर कुचला है। इसी क्रम में देशभर के प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 36,500 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

ईरान इंटरनेशनल के एडिटोरियल बोर्ड ने नई क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट्स, फील्ड रिपोर्ट्स, डॉक्टर्स, नर्सों, गवाहों और परिवारों के बयानों की जांच के बाद पुष्टि की है कि 8-9 जनवरी को देशभर के प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 36,500 से ज्यादा लोग मारे गए। यह दो दिनों में इतिहास का सबसे बड़ा प्रदर्शन-संबंधी नरसंहार बताया जा रहा है। पहले 13 जनवरी को रिपोर्ट में कम से कम 12,000 मौतों का जिक्र था, जो IRGC इंटेलिजेंस की रिपोर्ट पर आधारित था। अब और डिटेल्स मिलने के बाद संख्या बढ़कर 36,500 से ऊपर पहुंच गई है।

400 शहरों में हिंसा

IRGC इंटेलिजेंस की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल को दी गई रिपोर्टों के मुताबिक, मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी। 21 जनवरी को संसद की कमिटी को दी गई रिपोर्ट में कम से कम 27,500 मौतें बताई गईं। इंटीरियर मिनिस्ट्री के सूत्रों के अनुसार 20 जनवरी तक 30,000 से ज्यादा हो चुकी थीं। 22 और 24 जनवरी की रिपोर्टों में संख्या 33,000 और फिर 36,500 से ऊपर बताई गई। देशभर में 400 से ज्यादा शहरों और कस्बों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों का सामना किया। कुल 4,000 से ज्यादा जगहों पर झड़पें हुईं।

शहरों में मौतों का अनुमान

राश्त: 2,500 से ज्यादा
मशहद: कम से कम 1,800
इस्फहान, नजफाबाद और खोरासगान: 2,000 से ज्यादा
करज, शहरियार और अंदीशेह: कम से कम 3,000
केरमानशाह: 700
गोर्गान: 400

तेहरान में सटीक कुल संख्या अभी साफ नहीं है, लेकिन काहरीजक मोर्ग और अस्पतालों की तस्वीरों से हजारों मौतें हुईं, खासकर दक्षिणी इलाकों में।

अस्पतालों और घायलों पर हुई घटनाएं

कई डॉक्टर्स और नर्सों ने बताया कि सुरक्षा बल अस्पतालों में घुसे और इलाज करा रहे घायलों को ले गए। कुछ तस्वीरों और वीडियो में दिखता है कि सिर में गोली लगी लाशों पर अस्पताल में भर्ती होने के निशान थे — जैसे मॉनिटरिंग इलेक्ट्रोड्स और ट्यूब्स। एक केस में पश्चिमी तेहरान में घायल युवक को एंबुलेंस में ले जाया जा रहा था, तभी एक सुरक्षा अधिकारी ने अंदर घुसकर उसके सिर में दो गोलियां मार दीं। वह पहले से बुरी तरह पीटा गया था और अर्ध-बेहोश था। कुछ लोगों को घर से उठाया गया और बाद में परिवार को काहरीजक से लाश लेने को कहा गया। कुछ मामलों में घर के दरवाजे पर बुलाकर गोली मार दी गई।

महत्वपूर्ण बातें

  • कई परिवारों से लाश लेने के लिए “बुलेट फीस” वसूली गई।
  • कुछ लाशों को बासिज मिलिशिया के सदस्य बताकर सौंपा गया।
  • IRGC और बसिज के अलावा इराक और सीरिया से आए प्रॉक्सी फोर्स भी इस्तेमाल किए गए।
  • सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के 9 जनवरी के भाषण के बाद “आतंक के जरिए जीत” जैसे वाक्य इस्तेमाल हुए।

ईरान इंटेलिजेंस रिपोर्टों में भी सटीक संख्या अभी तय नहीं है क्योंकि लाशों का रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और दफन में दबाव और गड़बड़ी बताई जा रही है। स्वतंत्र जांच अभी मुश्किल है, लेकिन अस्पताल और गवाहों के आधार पर ये आंकड़े सामने आए हैं।

Topics: नरसंहारखाड़ी संकटईरान में 36500 लोगों का नरसंहारईरान खामेनेई प्रदर्शन
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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