लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), अवध प्रांत द्वारा गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अभाविप के ‘संगठन शिल्पी’ कहे जाने वाले श्रद्धेय प्रो. यशवंतराव केलकर के जन्मशती वर्ष के पावन अवसर पर एक विशेष अभिवाचन कार्यक्रम ‘प्रिय केलकर जी’ का गरिमामयी आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों पूर्व कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ पदाधिकारियों और वर्तमान छात्र कार्यकर्ताओं का भव्य समागम देखने को मिला.
कार्यक्रम के दौरान प्रो. यशवंतराव केलकर जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व, अभाविप के वैचारिक व संगठनात्मक निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान, छात्र संगठन की कार्यपद्धति को लेकर उनकी दूरदर्शी सोच तथा वर्तमान परिदृश्य में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर गहन विचार-विमर्श और अभिवाचन हुआ. कार्यक्रम से पूर्व एक भावुक मिलन-समागम भी हुआ, जिसमें पूर्व कार्यकर्ताओं ने केलकर जी के साथ बिताए संस्मरण साझा किए.
केलकर जी के विचार और कार्यपद्धति आज भी अभाविप की ध्येययात्रा का आधार: स्वांत रंजन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने अपने संबोधन में प्रो. केलकर के संगठनात्मक मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने विद्यार्थी परिषद को केवल एक छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनाया.
“प्रो. यशवंतराव केलकर जी ने परिषद को सदैव रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों, स्वायत्त कार्यशैली तथा सामूहिकता, अनामिकता, अनौपचारिकता और पारदर्शिता जैसे संगठनात्मक मूल्यों पर चलने की प्रेरणा दी. आज जब समाज और छात्र जीवन अनेक नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब केलकर जी के विचार और कार्यपद्धति पहले से अधिक प्रासंगिक हैं. उनका चिंतन प्रत्येक कार्यकर्ता को समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नेतृत्व का मार्ग दिखाता है.” – स्वांत रंजन, अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख, RSS
विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बनकर उभरा ABVP: मनोज कांत
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचार सह-प्रमुख मनोज कांत ने कहा कि केलकर जी की दृष्टि ऐसे व्यक्तित्व तैयार करने की थी, जो दुनिया के किसी भी कोने में रहे या किसी भी क्षेत्र में कार्य करे, वह अपने विचार, आचरण और कार्य से भारत का प्रतिनिधित्व करे.
प्रो. केलकर जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम:
- वैश्विक पहचान: आज अभाविप विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बनकर उभरा है.
- बहुआयामी नेतृत्व: शिक्षा, सामाजिक जीवन, तकनीकी, नवाचार, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और नीति-निर्माण में राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व.
- अनुशासित कार्यपद्धति: न्यायपालिका, उद्योग, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों की स्थापना.
“आज मैं जो कुछ भी हूँ, अभाविप की ही देन है” — परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने छात्र जीवन के दिनों को याद करते हुए अभाविप के प्रति अपना आभार व्यक्त किया.
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हम कल भी विद्यार्थी परिषद के थे, आज भी विद्यार्थी परिषद के हैं और आगे भी विद्यार्थी परिषद के ही रहेंगे. आज मैं सार्वजनिक जीवन में जो कुछ भी हूँ, वह अभाविप की ही देन है. विद्यार्थी परिषद ने केवल संगठन में कार्य करने का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और मजबूत नेतृत्व के संस्कार भी दिए.”
वहीं अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि संगठन शिल्पी प्रो. यशवंतराव केलकर जी की जन्मशती वर्ष पर उनके विचारों का स्मरण और चिंतन करना सभी कार्यकर्ताओं के लिए गौरव का विषय है.
अभिवाचन कार्यक्रम में उमड़ा पूर्व और वर्तमान कार्यकर्ताओं का सैलाब
इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में कई वरिष्ठ राजनेता, शिक्षाविद और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे:
- वरिष्ठ मंत्री एवं नेता: उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी, भाजपा के पूर्व महामंत्री अनूप गुप्ता, नवनियुक्त भाजपा प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र और पूर्व मंत्री अवधेश श्रीवास्तव.
- अभाविप पदाधिकारी: राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रो. राजशरण शाही, क्षेत्रीय संगठन मंत्री (पूर्वी यूपी) घनश्याम शाही, अवध प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष, प्रांत सह संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र, प्रांत उपाध्यक्ष प्रो. मंजुला उपाध्याय और लखनऊ महानगर मंत्री सरिता पाण्डेय.
- विशिष्ट अतिथि: सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य सिंह, युवा उद्यमी अरुण रावत, प्रमुख शिक्षाविद प्रो. जे.पी. सिंह सहित सैकड़ों पूर्व व वर्तमान कार्यकर्ता.











