विश्व

ब्रिटेन में हिंदुओं के साथ ऐसा अन्याय क्यों? मस्जिद के लिए बेच दी मंदिर की जमीन; 5 बिंदुओं में समझिये पूरा मामला

ब्रिटेन में हिंदुओं के एक मंदिर को मुस्लिम संगठन को बेचने का मामला तूल पकड़ने लगा है। यह मामला अब वहां के हाईकोर्ट में पहुंच गया है। इसे लेकर वहां रहने वाले हिंदू समुदाय में आक्रोश है।

Published by
Lalit Fulara

नई दिल्ली: ब्रिटेन में हिंदुओं के एक मंदिर को मुस्लिम संगठन को बेचने का मामला तूल पकड़ने लगा है। यह मामला अब वहां के हाईकोर्ट में पहुंच गया है। यह हिंदू मंदिर पीटरबरो शहर में है जो कि करीब 40 साल पुराना है। इसे लेकर वहां का भारत हिंदू समाज (BHS) मंदिर के अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब पीटरबरो सिटी काउंसिल ने इस ऐतिहासिक मंदिर की जमीन को एक इस्लामी संगठन यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन (UKIM) को बेचने का फैसला किया।

इस्लामिक संगठन यहां ‘मस्जिद खदीजा’ और एक इस्लामिक सेंटर बनाना चाहता है। भारत हिंदू समाज ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। संगठन का कहना है कि यह परिसर 1986 से मंदिर है। 35 मील के दायरे में यह हिंदू समुदाय का इकलौता मंदिर है।

#1. कहां तक पहुंचा है ये मामला.. क्या है मंदिर का इतिहास
हिंदू मंदिर को मुस्लिम संगठन को बेचने का मामला अब यूके की हाई कोर्ट में है। इसे लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। साल 1972 में जब युगांडा के तानाशाह ईदी अमीन ने एशियाई मूल के लोगों को देश से बाहर निकाला था उस समय वहां से भागे हिंदू परिवारों ने 1986 में इस मंदिर की स्थापना की थी।

#2.14,000 हिंदुओं की आस्था का केंद्र है ये मंदिर
यह हिंदू मंदिर वहां रहने वाले हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। कैंब्रिजशायर, नोरफोक और लिंकनशायर जैसे इलाकों में रहने वाले करीब 14,000 हिंदुओं की इस मंदिर पर विशेष आस्था है। मंदिर से जुड़े 74 वर्षीय दमयंती भाटिया का कहना है कि यह हिंदू मंदिर उनके लिए सब कुछ है। उन्होंने बताया कि उनकी तीन पीढ़िया इस मंदिर में आ रही हैं।

#3. काउंसिल ने क्यों लिया हिंदू मंदिर परिसर बेचने का फैसला?
साल 2025 में पीटरबरो सिटी काउंसिल ने अपने ऊपर बकाया करीब 500 मिलियन पाउंड के कर्ज को चुकाने के लिए इस सरकारी संपत्ति को बेचने का फैसला किया। काउंसिल की कमान लेबर पार्टी की नेता शबीना कय्यूम के हाथों में है। मंदिर ट्रस्टीज कहते हैं कि उन्हें भरोसा दिया गया था कि वे 1.3 मिलियन पाउंड (करीब 16.86 करोड़ रुपये) में यह जगह खरीद सकते हैं। उन्होंने इसका ऑफर भी दे दिया था। फिर अचानक ने काउंसिल ने इस जमीन को ओपन मार्केट में डील के लिए डाल दिया।

#4. काउंसिल ने क्यों मुस्लिम संगठन को दी ये जमीन
भारत हिंदू समाज पिछले करीब 10 वर्षों से इस परिसर को खरीदने की कोशिश कर रहा था। 10 फरवरी को काउंसिल ने इसे UKIM को बेचने का फैसला कर लिया। UKIM ने 14 लाख पाउंड (करीब 18 करोड़ रुपये) की सबसे ऊंची बोली लगाई और 54 लाख पाउंड (करीब 69 करोड़ रुपये) की उपलब्ध राशि का प्रमाण भी दिया । वहीं, भारत हिंदू समाज ने 9 लाख पाउंड (करीब 11.5 करोड़ रुपये) की बोली के साथ 5.04 लाख पाउंड (करीब 6.4 करोड़ रुपये) की ‘सोशल वैल्यू’ का प्रस्ताव रखा। काउंसिल ने यह जमीन मुस्लिम संगठन को दे दी। काउंसिल ने अदालत में साफ कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और अधिक कीमत मिलने के कारण यह सौदा किया गया।

#5. हिंदू समुदाय मे बढ़ा आक्रोश…सोशल मीडिया पर भी हिंदुओं को समर्थन
अब हाईकोर्ट को तय करना है कि काउंसिल का फैसला कानून के दायरे में था या नहीं। फिलहाल इसे लेकर हिंदू समुदाय में खासा आक्रोश है। यह भी देखना है कि भारत हिंदू समाज की आपत्तियां क्या इस बिक्री को रद्द कराने के लिए पर्याप्त हैं। मंदिर के वकीलों का कहना है कि काउंसिल की यह पूरी प्रक्रिया गैरकानूनी है और यह समानता के अधिकारों का उल्लंघन है। पीटरबरो में पहले से ही कम से कम 9 मस्जिदें मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर भी हिंदू समुदाय को समर्थन मिल रहा है। कहा जा रहा है कि शांत रहने के कारण हिंदू समाज की आवाज दबाई जा रही है।

Share