उत्तराखंड गृह मंत्रालय के निर्देश पर उत्तराखंड पुलिस ने दूसरे राज्यों से ट्रांसफर हुए हथियार लाइसेंसों की जांच की तो दर्जनों लाइसेंस फर्जी पाए गए। उधम सिंह नगर जिले में पुलिस की कार्रवाई से रसूखदार लोगों में दहशत फैल गई है। SSP अजय गणपति ने बताया कि उधम सिंह नगर जिले की पुलिस ने जाली दस्तावेज तैयार करने, दूसरे राज्यों से नकली हथियार लाइसेंस बनवाने और उन्हें उत्तराखंड में कानूनी हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ जो अभियान चलाया था, उसके बाद पुलिस ने 108 संदिग्ध हथियार लाइसेंस की पहचान की है। इसमें 94 लाइसेंस जब्त किए गए हैं और उनके पास मिले 119 लाइसेंसी हथियार जमा करा दिए गए हैं। अब, यह वेरिफ़ाई करने के लिए कि संदिग्ध हथियार लाइसेंस वैध हैं या अवैध, एक टीम दूसरे राज्यों के संबंधित ज़िलों में जाकर उन्हें वेरिफ़ाई करेगी।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर पुलिस-एसटीएफ का शिकंजा, 13 गिरफ्तार
एसएसपी श्री गणपति ने पुलिस लाइन में जानकारी देते हुए बताया कि दस्तावेजों में कूट-रचना कर पंजाब, यूपी, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, मेघालय, बिहार समेत अन्य बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उनका उत्तराखंड में वैध हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वालों का सत्यापन पुलिस और एसटीएफ ने शुरू किया था। जिसमें काशीपुर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के संबंध में दो मुकदमा भी पंजीकृत कर 13 लोगों को फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद से पुलिस और एसटीएफ लगातार फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए पुलिस ने वर्ष, 2001 से वर्ष, 2026 तक बने शस्त्र लाइसेंस की जांच की तो 678 लाइसेंस दूसरे राज्यों से बने मिले, जिनका इस्तेमाल जिले में हो रहा था। ऐसे में इन लाइसेंस की जांच के लिए जिला स्तर पर तीन विशेष सत्यापन टीम गठित की थी। जिसमें दो टीमों ने रुद्रपुर और काशीपुर सर्किल तथा एक टीम बाहरी जनपदों एवं अन्य राज्यों से बनवाए गए शस्त्र लाइसेंसों की जांच शुरू की थी। श्री गणपति ने बताया कि जांच के दौरान चिह्नित 678 लाइसेंस में से 626 शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इनमें 94 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस पुलिस ने कब्जे में ले लिए। जबकि 119 संदिग्ध शस्त्र थानों में जमा करवाए गए। जिन लोगों ने ये नकली हथियार लाइसेंस बनाए हैं, उनके खिलाफ केस भी दर्ज किए जा रहे हैं और कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।

















