उज़्बेकिस्तान के बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत भारतीय छात्रा सावरिया बसंत की निर्मम हत्या के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपना आक्रोश जाहिर किया है। मामले में परिषद ने शोक एवं गहन चिंता व्यक्त करते हुए इस पूरे प्रकरण की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग करती है।
मृतक पर बनाया गया था कन्वर्जन का दबाव
उपलब्ध तथ्यों के अनुसार छात्रा पर धार्मिक मतांतरण का दबाव बनाया गया तथा उसके निरंतर विरोध के पश्चात उसकी हत्या कर दी गई। यह घटनाक्रम केवल एक सामान्य आपराधिक घटना नहीं बल्कि प्रथम दृष्टया लव जिहाद के नाम पर संचालित संगठित षड्यंत्र, कट्टरपंथी मानसिकता एवं योजनाबद्ध आपराधिक नेटवर्क की आशंका को भी बल देता है। ऐसे में इस प्रकरण के सभी पहलू, संभावित नेटवर्क, आर्थिक स्रोतों एवं अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
महिलाओं को जिहादियों को बचाने के लिए प्रस्ताव पारित
भुवनेश्वर में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में “संगठित आपराधिक एवं जिहादी मानसिकता से महिलाओं के शोषण तथा मतांतरण पर लगे लगाम” विषयक प्रस्ताव पारित करते हुए स्पष्ट किया गया था कि देश में लव जिहाद, छल, फर्जी पहचान, मानसिक दबाव, साइबर ब्लैकमेलिंग तथा संगठित नेटवर्कों के माध्यम से महिलाओं एवं युवतियों को लक्ष्य बनाकर किए जा रहे शोषण एवं अवैध मतांतरण के प्रयास गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय हैं। अभाविप का स्पष्ट मत है कि ऐसे कृत्य न केवल महिलाओं की गरिमा, स्वतंत्रता एवं संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हैं बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता एवं आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती प्रस्तुत करते हैं।
विदेश मंत्रालय भारतीय दूतावास एवं संबंधित देश के प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर दोषी को शीघ्र कानून के दायरे में लाने तथा कठोरतम दंड सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कूटनीतिक एवं विधिक प्रयास करे। साथ ही विदेशों में अध्ययनरत भारतीय विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा एवं सहायता तंत्र विकसित किया जाए। राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुरूप लव जिहाद, महिलाओं के शोषण, छलपूर्वक मतांतरण, साइबर ब्लैकमेलिंग एवं ऐसे संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर राष्ट्रीय कानून, जांच व्यवस्था, फास्ट ट्रैक न्यायिक प्रक्रिया, शैक्षिक परिसरों में जागरूकता अभियान तथा छात्राओं के सशक्तीकरण हेतु ‘मिशन साहसी’ जैसे कार्यक्रम समय की आवश्यकता है।
धर्मान्तरण नहीं किया तो की हत्या : डॉ वीरेंद्र सोलंकी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “उज़्बेकिस्तान में भारतीय छात्रा सावरिया बसंत की निर्मम हत्या अत्यंत दुःखद एवं गंभीर विषय है। यदि किसी छात्रा पर धार्मिक मतांतरण का दबाव बनाकर उसके विरोध के कारण उसकी हत्या की गई है, तो इसकी जांच केवल एक व्यक्तिगत अपराध के रूप में सीमित नहीं रहनी चाहिए। इस पूरे प्रकरण के पीछे यदि लव जिहाद से जुड़ा कोई संगठित नेटवर्क अथवा कट्टरपंथी तंत्र कार्यरत है, तो उसका पूर्णतः पर्दाफाश होना चाहिए। अभाविप इस मामले की एनआईए जांच, दोषियों को कठोरतम दंड, विदेशों में अध्ययनरत भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी राष्ट्रीय व्यवस्था तथा महिलाओं को लक्ष्य बनाकर संचालित लव जिहाद एवं छलपूर्वक मतांतरण के विरुद्ध कठोर राष्ट्रीय कानून और सशक्त वैधानिक तंत्र की पुनः मांग करती है। महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है तथा ऐसे संगठित अपराधों के प्रति किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जा सकती।”











