अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें वायरल हो रही हैं, जिनमें ऐसा दावा किया जा रहा है कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इंटरनेशनल वॉर क्रिमिनल यानी युद्ध अपराधी की लिस्ट में डाल दिया है। कई पोस्ट्स में कहा गया कि ट्रंप को “जेनोसाइडल वॉर क्रिमिनल” बताते हुए द हेग में स्थित ICC ने उन्हें वांटेड घोषित कर दिया है। यह क्लेम ईरान से जुड़े हाल के तनाव के बीच वायरल हुआ, जहां ट्रंप सरकार की कुछ नीतियों और बयानों पर बहस चल रही है।
क्या है दावा?
X पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि ICC ने ट्रंप को जेनोसाइडल वॉर क्रिमिनल करार देते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। पोस्ट में लिखा था कि ट्रंप अब ICC द्वारा वांटेड हैं। यह मैसेज तेजी से फैला और हजारों लोगों तक पहुंचा। कुछ यूजर्स ने इसे सच मानकर ट्रंप की आलोचना की, जबकि दूसरे ने पूछा कि क्या यह सच है। वायरल पोस्ट में कोई ऑफिशियल लिंक या सबूत नहीं दिया गया था, सिर्फ दावा था।
क्या कहता है फैक्ट चेक
यह क्लेम पूरी तरह गलत है। ICC ने डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी तरह की वॉर क्रिमिनल लिस्ट में नहीं डाला है और न ही उनके खिलाफ कोई एक्शन लिया है। अगर ICC जैसी बड़ी संस्था किसी देश के राष्ट्रपति के खिलाफ ऐसा कदम उठाती, तो दुनिया भर के बड़े न्यूज चैनल और अखबार इसे पहले पन्ने पर छापते। लेकिन किसी भी विश्वसनीय सोर्स में ऐसी कोई खबर नहीं मिली। बड़ी बात ये है कि ICC की आधिकारिक वेबसाइट या बयानों में भी ट्रंप का नाम कहीं नहीं है। वायरल पोस्ट में कोई सबूत या लिंक नहीं था, जिससे ये दावे फर्जी साबित होते हैं।
ट्रंप सरकार और ICC के बीच क्या चल रहा है
दरअसल, ट्रंप प्रशासन ICC की आलोचना कर रहा है। फरवरी 2025 में ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करके ICC पर सैंक्शंस लगाए थे। अमेरिका का कहना है कि ICC अमेरिकी नागरिकों या सहयोगी देशों (जैसे इजराइल) पर बिना वजह जांच नहीं कर सकता। हाल ही में जुलाई 2026 में भी अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने ICC को चिट्ठी लिखकर कहा कि कोर्ट की कुछ हरकतें “कानून के खिलाफ” हैं और अमेरिका की संप्रभुता का अपमान हैं।
ट्रंप सरकार ICC को “अवैध और गैर-जिम्मेदार” बता रही है। दोनों के बीच तनाव पुराना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ICC ने ट्रंप को वॉर क्रिमिनल घोषित कर दिया हो। उल्टा, अमेरिका ICC के अधिकार क्षेत्र को मानता ही नहीं है।
क्यों फैला यह क्लेम
ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच हाल के घटनाक्रम में ट्रंप के कुछ बयानों और फैसलों पर बहस हो रही है। ऐसे समय में लोग आसानी से सनसनीखेज खबरों पर यकीन कर लेते हैं। सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे शेयर करने की आदत ने इस झूठ को बढ़ावा दिया।











