महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के मिटमिता इलाके में गैंगस्टर बाबा फरजान के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बाबा फरजान उर्फ बाबा फरदुन अड्रेसर दोरदी 1990 के दशक में इस इलाके में सक्रिय था। छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के गहने, हथियार और गोला-बारूद मिला। कुल 5.65 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इस मामले में फरजान की पत्नी बताने वाली एक महिला को गिरफ्तार भी किया गया। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच और कैंटोनमेंट पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की।
गिरफ्तारी और पहचान
पुलिस ने 48 साल की शीलाबाई बाबा फरदुन दोरदी (उर्फ शीलाबाई गणपत साल्वे) को गिरफ्तार किया। कुछ रिपोर्ट्स में उसे 52 साल बताया गया है। शनिवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से चार दिन की पुलिस कस्टडी मिली।
डॉन की मौत के छह महीने बाद छापा
बाबा फरजान की बीमारी से छह महीने पहले मौत हो चुकी थी। जब पुलिस टीम बंगले पर पहुंची तो वहां फरजान की दूसरी पत्नी शीला गणपतराव साल्वे मौजूद थीं। तलाशी में कुल 5,26,29,560 रुपये का कैश बरामद हुआ। इसमें 100 और 200 के नोटों के साथ-साथ 50, 20 और 10 रुपये के छोटे-छोटे नोटों की गड्डियां थीं। इतनी रकम गिनने के लिए पुलिस को पांच नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं।
सोना-चांदी और शराब
- सोने के गहने: 21,34,350 रुपये कीमत के (151.3 ग्राम)
- चांदी के गहने: 8,09,248 रुपये कीमत के (3.92 किलोग्राम)
- 45 बोतल विदेशी और ब्रांडेड शराब: 34,836 रुपये कीमत की
बरामद हथियार और गोला-बारूद
पुलिस को भारी मात्रा में हथियार भी मिले:
- 1 रिवॉल्वर
- 2 पिस्तौल (मैगजीन वाली)
- 4 राइफल (जिसमें 12-बोर और .22 राइफल शामिल)
- 4 मैगजीन
- 632 जिंदा कारतूस
- 2 एयर गन
- 1 तलवार, 3 खंजर, 17 तरह के चाकू और 21 अन्य धारदार हथियार
कुल मिलाकर 23 से ज्यादा धारदार हथियार और 5.50 लाख रुपये कीमत के हथियार जब्त किए गए। साथ में एक DVR और हथियारों के लाइसेंस के दस्तावेज भी मिले।
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जांच क्या कहती है
ACP (क्राइम) मजहर सैयद ने बताया कि कुछ हथियार बाबा फरजान के नाम पर लाइसेंस वाले थे, लेकिन उनकी मौत के बाद इन्हें कानून के अनुसार जमा नहीं कराया गया था।पुलिस कमिश्नर प्रवीण पवार ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध और अवैध संपत्ति के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। कैश और सामान के स्रोत, हथियारों की वैधता और विदेशी शराब रखने के पीछे शराबबंदी कानून का उल्लंघन या नहीं, इसकी जांच हो रही है।
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर गजानन कल्याणकर ने बताया कि वित्तीय रिकॉर्ड और मालिकाना दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चले कि ये चीजें कहां से आईं और किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ी हैं या नहीं। कैंटोनमेंट पुलिस ने क्राइम ब्रांच के हेड कॉन्स्टेबल की शिकायत पर BNS, आर्म्स एक्ट, महाराष्ट्र पुलिस एक्ट और महाराष्ट्र प्रोहिबिशन एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है।











