
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत बंद्योपाध्याय गुट ने शनिवार को अपने संगठन का विस्तार करते हुए जिला अध्यक्षों और प्रवक्ताओं की सूची जारी कर दी। सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश बीरभूम से आया, जहां लंबे समय तक ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले अनुव्रत मंडल को बीरभूम जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस घोषणा के समय अनुव्रत मंडल बीरभूम में ही मौजूद थे।
नई सूची के अनुसार राज्य समिति में पूर्व सांसद शांतनु सेन को भी शामिल किया गया है। इसे ऋतब्रत गुट के संगठन विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जिला अध्यक्षों की सूची में हावड़ा की जिम्मेदारी बागनान के विधायक अरुणाभ (राजा) सेन, पश्चिम मेदिनीपुर की प्रदीप सरकार, घाटाल की संजय, बांकुड़ा की रथीन बंद्योपाध्याय, पुरुलिया की उज्ज्वल कुमार, पूर्व बर्धमान की रवींद्रनाथ चट्टोपाध्याय, पश्चिम बर्धमान की नगेंद्रनाथ चट्टोपाध्याय, बीरभूम की अनुव्रत मंडल, डायमंड हार्बर की शुभाशीष दास, सुंदरबन की गणेश मंडल, उत्तर कोलकाता की संदीपन साहा, दक्षिण कोलकाता की देबाशीष कुमार तथा हावड़ा सदर की सृष्टिधर घोष को सौंपी गई है।
पार्टी ने अपने प्रवक्ताओं की सूची भी घोषित की। प्रसून बंद्योपाध्याय को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। इसके अलावा स्नेहाशीष चक्रवर्ती, अखरुज्जमान, शांतनु सेन, सुदीप राहा, कोहिनूर मजूमदार, संदीपन साहा और अपूर्व सरकार (डेविड) को प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में पानीहाटी के पूर्व विधायक निर्मल घोष भी मौजूद थे। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या मामले में उनका नाम विवादों में आया था। हालांकि ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया कि निर्मल घोष को लेकर बैठक में कोई चर्चा या निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह केवल बैठक में उपस्थित थे। बीरभूम जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अनुव्रत मंडल ने कहा, “जिला अध्यक्ष के रूप में मेरा नाम घोषित हुआ है, यह अच्छी बात है। इसमें कोई बुरी बात नहीं है। मेरी तबीयत अभी बहुत खराब है, इसलिए मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह पाऊंगा।”