
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटाए जाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में न तो केंद्र सरकार की कोई भूमिका है और न ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का इससे कोई संबंध है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का निरीक्षण करने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में बिट्टू ने कहा कि फिल्म में जिन घटनाओं को दिखाया गया है, वे उस समय की हैं जब पंजाब और केंद्र, दोनों जगह कांग्रेस की सरकार थी। ऐसे में आज की सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के इतिहास को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य का इतिहास कई संवेदनशील घटनाओं से जुड़ा रहा है। इसलिए इसे किसी एक नजरिए से नहीं, बल्कि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए दिखाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इतिहास को संतुलित तरीके से पेश करने से लोगों को सही जानकारी मिलती है और गलतफहमियां भी कम होती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज के नियम सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों से अलग होते हैं। थिएटर में फिल्म रिलीज करने से पहले सेंसर बोर्ड की मंजूरी जरूरी होती है, जबकि ओटीटी पर ऐसी पूर्व-सेंसरशिप नहीं होती। बिट्टू ने साफ कहा कि किसी फिल्म को अपने प्लेटफॉर्म पर रखना या हटाना पूरी तरह संबंधित ओटीटी कंपनी का फैसला होता है। यह निर्णय कंपनी अपने कानूनी, संपादकीय और व्यावसायिक कारणों के आधार पर लेती है। इसलिए फिल्म हटाने के लिए केंद्र सरकार पर आरोप लगाना उचित नहीं है।