
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान का युद्ध एक बार फिर शुरू हो गया है। अमेरिका ने ईरान के पांच प्रांतों के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर भीषण हमला किया है। इन हमलों में 14 लोगों के मारे जाने की बात सामने आई है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। वहीं, ईरान की सेना ने कहा कि उसने गुरुवार को कुवैत, कतर और बहरीन में मौजूद ठिकानों पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमले किए।
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत पर किए हमले
अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने ईरान पर एक नए हवाई हमले किए हैं। ये हवाई हमले इसलिए किए गए हैं ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री यातायात के लिए खुला रहे। वहीं, कुवैत की सेना ने गुरुवार को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत पर कई हमले किए। इसके कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने फिर से ईरान पर हमले किए। इस तरह से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध फिर से भीषण होने लगा है।
US ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
इससे पहले ट्रंप ने साफ कहा था कि ईरान के साथ शांति समझौता अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा था कि हॉर्मुज में जहाजों पर हालिया ईरानी हमलों से यह स्षप्ट है कि सीजफायर अब समाप्त हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत अब समय की बर्बादी है। दोनों देशों के बीच तनाव ने एक बार फिर से पश्चिम एशिया में संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को किए गए ताजा हमलों में ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र तथा अन्य सैन्य संसाधन शामिल थे।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि 8 जुलाई को ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई पूरी की गई ताकि हॉर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नागरिक नाविकों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर किया जा सके।