
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों ने वेतन और लंबित वित्तीय मांगों को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हर महीने की पहली तारीख को कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं पहुंचता है तो चालक बसों का संचालन बंद कर देंगे और पूरे प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा। मान सिंह धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मान सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से समय पर वेतन देने की मांग उठाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार के पास हर महीने हजारों करोड़ रुपये का राजस्व आता है तो एचआरटीसी कर्मचारियों के लगभग 70 करोड़ रुपये के वेतन का भुगतान समय पर क्यों नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए एस्मा जैसे कदम उठा सकती है या नेताओं के तबादले कर सकती है, लेकिन कर्मचारी अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने अपने तबादले का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार चाहे उनका रोज तबादला करे, लेकिन कर्मचारियों की पाई-पाई का हिसाब लेकर रहेंगे।
वेतन विसंगति पर उठाए सवाल
प्रदेशाध्यक्ष ने निगम में चालकों के वेतन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई भर्ती में चालकों को 45 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है, जबकि वर्षों से सेवा दे रहे अनुबंध चालक करीब 15600 रुपये और नियमित चालक लगभग 35500 रुपये वेतन पा रहे हैं। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए वेतन विसंगति दूर करने की मांग की।
एकजुट कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
मान सिंह ने कहा कि चंबा से लेकर धर्मशाला और प्रदेश के अन्य डिपो तक कर्मचारी पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने दोहराया कि कर्मचारियों की प्राथमिक मांग हर महीने की पहली तारीख को समय पर वेतन है। यदि यह सुनिश्चित नहीं किया गया तो एचआरटीसी की बसों का संचालन प्रभावित होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व निगम प्रबंधन की होगी। कर्मचारी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक वेतन, एरियर, ओवरटाइम और अन्य लंबित वित्तीय मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।