हाल ही में शिवसेना-यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि भारत में इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिखाई दे रहे हैं, जिनका संबंध यौन शोषण जैसी गंभीर और संवेदनशील सामग्री से है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विज्ञापन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं और इस मामले में मेटा को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
बच्चों पर बढ़ता ऑनलाइन खतरा
आज के समय में बच्चे और किशोर बड़ी संख्या में सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं। वे पढ़ाई, मनोरंजन और दोस्तों से जुड़े रहने के लिए इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यदि किसी प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक या गलत विज्ञापन दिखाई दें, तो उनका बुरा असर बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर पड़ सकता है। इसलिए सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर आने वाली सामग्री की सही तरीके से जांच करें।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि केवल मुनाफा कमाना ही किसी कंपनी का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने मांग की कि मेटा और इंस्टाग्राम इस मामले की गंभीरता को समझें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर दिखाई न दें।















