पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में हुई चुनाव बाद हिंसा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी। हजारों के घरों को उजाड़ दिया गया था और उस दौरान अभिषेक बनर्जी जहरीला भाषण दे रहे थे।
टीएमसी कार्यालय पर कब्जे का मामला
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यालय पर ऋतब्रत गुट के कब्जे का यह पूरा मामला टीएमसी का अपना आंतरिक झगड़ा है। इसमें कौन ऑफिस पर कब्जा करेगा और कौन विधानसभा में बैठेगा, यह उनका अपना फैसला है। उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा में स्पीकर और कानून के हिसाब से सब ठीक हो जाएगा। लेकिन जो कुछ भी हो रहा है, वह ठीक नहीं है। जनता ने टीएमसी को विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है। इसलिए उन्हें उसी हिसाब से काम करना चाहिए।
15 साल की सत्ता और विपक्ष की भूमिका
दिलीप घोष का कहना है कि 15 साल तक सत्ता में रहने से टीएमसी की आदत खराब हो गई है। लोकतंत्र में विपक्ष की बहुत बड़ी भूमिका होती है। वे चाहते हैं कि टीएमसी अब विपक्ष की जिम्मेदारी अच्छे से निभाए। उनके अनुसार, अगर टीएमसी विपक्ष में बैठकर सरकार को अच्छे काम करने में मदद करे तो जनता को बेहतर सुशासन मिल सकेगा।
2021 की हिंसा और अभिषेक बनर्जी पर आरोप
दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी के हाल के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि सबने देखा है उन्होंने क्या बोला। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में भाजपा कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए थे और कई कार्यकर्ताओं की हत्या भी हुई थी। हजारों लोगों को उनके घरों से उजाड़ दिया गया था। उन्होंने कहा कि वह घाव आज भी लोगों के मन में ताजा है। अभिषेक बनर्जी जैसे लोग भाषण देकर लोगों को डराने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों को बाहर रहने की बजाय जेल भेज देना चाहिए।
21 जुलाई की रैली पर क्या कहा?
21 जुलाई को टीएमसी की तरफ से होने वाली रैली पर दिलीप घोष ने कहा कि यह असल में कांग्रेस का आंदोलन है, टीएमसी का नहीं। उस समय टीएमसी अस्तित्व में भी नहीं थी। इसलिए यह रैली कांग्रेस को ही करनी चाहिए।
काकोली घोष की चिट्ठी का जवाब
काकोली घोष द्वारा मुख्यमंत्री को लिखी गई चिट्ठी पर दिलीप घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री भी यह दावा कर सकती हैं कि उस आंदोलन में वे भी शामिल थीं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री को यह कहना चाहिए कि हम सब लोग मिलकर आंदोलन करते हैं। जिन लोगों ने राजनीतिक आंदोलन में बलिदान दिया, उनका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने उस आंदोलन को हाईजैक कर लिया था।
















