हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: 14 मौतें, 16 करोड़ का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने कहर बरपाया है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 14 लोगों की मौत, 16 करोड़ का नुकसान। किन्नौर में कई सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया।

Published by
कुलदीप सिंह

जून में मानसून की सुस्ती के बाद अब हिमाचल प्रदेश में इसने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई है। राज्य में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 16 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कई सड़कें बंद हैं और बिजली-पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।

किन्नौर में सड़कें बंद

शुक्रवार तड़के करीब चार बजे किन्नौर जिले में तेज बारिश हुई। चोलिंग इलाके में बाढ़ के साथ मलबा आ गया, जिससे शिमला-रिकांगपिओ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) बंद हो गया। यह सड़क करीब 10 बजे तक बंद रही। लगभग 30 मीटर हिस्से में मलबा जमा हो गया था। उस समय वहां से दो कारें गुजर रही थीं, जो मलबे में फंस गईं। luckily दोनों कारें वहीं रुक गईं, इसलिए कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। उसी दौरान रिब्बा में भी बाढ़ आई और रिब्बा-कंडे संपर्क मार्ग मलबे की वजह से बंद हो गया।

तीन दिनों में 16 करोड़ का नुकसान

मानसून शुरू होने से लेकर अब तक प्रदेश में करीब 16 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। पिछले तीन दिनों में पूरे हिमाचल में 30.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 106 प्रतिशत ज्यादा है। किन्नौर में इन तीन दिनों में 18.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 423 प्रतिशत ज्यादा थी। लाहुल-स्पीति को छोड़कर बाकी सभी जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा हुई। बारिश और भूस्खलन की वजह से अभी भी 49 सड़कें बंद हैं और तीन ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं।

14 लोगों की मौत

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 14 लोगों की जान गई है। इनमें 30 जून से मौसम संबंधी घटनाओं में 12 मौतें हुईं। इसके अलावा खराब मौसम में हुई सड़क दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई। प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी, बिजली और पानी की व्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। कई जगहों पर टीमें मलबा हटाने और जरूरी सेवाएं बहाल करने का काम कर रही हैं।

बारिश और तापमान का हाल

पिछले 24 घंटे में कुछ जगहों पर अच्छी बारिश हुई। शिमला के जुब्बड़हट्टी में 44 मिलीमीटर, मंडी के बलद्वाड़ा में 32, सराहन में 27 और बिलासपुर में 26 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। कुछ जगहों पर छह डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ा। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुल्लू के भुंतर में 6.2 डिग्री, मनाली में 5.5, मंडी में 5.2 और केलंग में 4.7 डिग्री रही। न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री का अंतर रहा।

मौसम विभाग ने 5 जुलाई से मानसून की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है। 12 जुलाई तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

जून में कम बारिश

इस बार जून में पूरे प्रदेश में 64.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 1901 के बाद 44वीं सबसे कम बारिश है। यह सामान्य से 36 प्रतिशत कम रही। मंडी जिले में जून में सबसे ज्यादा 115 मिलीमीटर बारिश हुई।

Share