देहरादून (उत्तराखंड)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक और कर्मठ कर्मयोगी स्व. धरमवीर जी की पावन स्मृति में रेस कोर्स, देहरादून स्थित स्वर्गापुरी आश्रम में एक भव्य एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा में संघ के शीर्ष अधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और राजनीतिक जगत के दिग्गजों ने सहभागिता कर उनके राष्ट्रनिष्ठ, अनुशासित एवं त्यागमय जीवन को नमन किया।
उपस्थित स्वयंसेवकों ने स्व. धरमवीर जी के जीवन को प्रेरणा का पुंज बताते हुए कहा कि उन्होंने प्रचारक के दायित्व को केवल एक भूमिका नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का परम लक्ष्य मानकर अंतिम सांस तक जिया।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
स्व. धरमवीर जी के संगठनात्मक अनुशासन और समर्पण को याद करने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जो शीर्ष नेतृत्व स्वर्गापुरी आश्रम पहुंचे, उनका संक्षिप्त विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है-
| उपस्थित अधिकारी / गणमान्य अतिथि | सांगठनिक दायित्व / प्रशासनिक पद |
|---|---|
| जगदीश जी | क्षेत्र प्रचारक प्रमुख, RSS |
| जयसवाल जी | क्षेत्र समरसता प्रमुख |
| डॉ. शैलेन्द्र जी | प्रांत प्रचारक, उत्तराखंड |
| दिनेश सेमवाल जी | प्रान्त कार्यवाह |
| संजय जी | प्रांत प्रचार प्रमुख |
| नीरज मित्तल जी | प्रांत व्यवस्था प्रमुख |
| सुरेन्द्र मित्तल जी | प्रांत कार्यकारिणी सदस्य |
| धनञ्जय जी (विभाग प्रचारक) व रविंद्र जी | विभाग कार्यवाह एवं विभाग सह-कार्यवाह अरुण जी |
| भगत सिंह कोश्यारी | पूर्व राज्यपाल (महाराष्ट्र) एवं पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड |
| विनोद चमोली व ब्रज भूषण गैरोला | माननीय विधायक, उत्तराखंड विधानसभा |
| सौरभ थपलियाल | माननीय मेयर, नगर निगम |
“त्याग और संगठनात्मक निष्ठा का जीवंत उदाहरण थे धरमवीर जी”
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्व. धरमवीर जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन भारत माता के चरणों में समर्पित रहा। उन्होंने नई पीढ़ी के स्वयंसेवकों में देशज संस्कारों का बीजारोपण करने के लिए अथक परिश्रम किया था।
“स्व. धरमवीर जी एक ऐसे समर्पित और निष्ठावान कर्मयोगी थे, जिनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, अद्वितीय संगठनात्मक अनुशासन, निस्वार्थ त्याग और समर्पण का जीवंत उदाहरण रहा। उन्होंने प्रचारक पद्धति की कठिन साधना को सहजता से जिया और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को सदैव प्राथमिकता दी। उनका भौतिक रूप से हमारे बीच न होना राष्ट्र और संगठन के लिए एक अपूरणीय क्षति है, परंतु उनके द्वारा दिखाए गए आदर्श सदैव हमारा मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे।”
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित विविध सामाजिक और वैचारिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी, सैकड़ों सक्रिय कार्यकर्ता तथा स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने स्व. धरमवीर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी विदाई दी।
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