
रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर इस साल का सबसे भारी हमला किया। इसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई और 91 लोग घायल हुए। पूरे शहर में करीब 130 इमारतों को नुकसान पहुंचा। रूसी सेना ने रात भर में 74 मिसाइलें और 496 ड्रोन दागे, जैसा कि यूक्रेनी वायुसेना ने बताया।
हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में धुएं के घने बादल छा गए। इमरजेंसी टीमें आग बुझाने और मलबे में फंसे लोगों को बचाने में लगी रहीं। सबसे ज्यादा नुकसान निप्रो नदी के पूर्वी किनारे पर एक नौ मंजिला आवासीय इमारत को हुआ। एक मिसाइल ने इस बिल्डिंग को बीच से तोड़ दिया और उसमें 64 अपार्टमेंट पूरी तरह तबाह हो गए।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की आयरलैंड का दौरा बीच में छोड़कर कीव लौट आए। उन्होंने क्षतिग्रस्त इमारत का जायजा लिया। जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से एयर डिफेंस सिस्टम की सप्लाई में देरी होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टनर देशों को सिर्फ देखते नहीं रहना चाहिए जब इंसानी जिंदगियां खत्म हो रही हों।
यूक्रेनी एयर फोर्स का आरोप है कि इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या ज्यादा थी। पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी की वजह से कई हमलों को रोकना मुश्किल हुआ।
मॉस्को ने कहा कि ये हमले यूक्रेन के मिलिट्री ठिकानों, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरपोर्ट्स को निशाना बनाकर किए गए। रूस का कहना है कि ये जवाबी कार्रवाई थी। इससे पहले यूक्रेन ने रूस के निज्नी नोवोग्रोद इलाके में एक बड़े ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया था।
क्रेमलिन ने बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हमलों की पूरी जानकारी दी गई। रूस अब यूक्रेन में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मिलिट्री प्रेशर और बढ़ाएगा।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने इन हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये आबादी वाले इलाकों पर हमलों का एक घातक पैटर्न है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि EU रूस के मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स को सपोर्ट करने वाली संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखेगी। ये 2026 में कीव पर सबसे घातक हमला है। दोनों तरफ से एक-दूसरे के अंदरूनी इलाकों में लंबी दूरी के हमले बढ़ गए हैं।