अधिकतर कामकाजी लोग अपनी नौकरी और घर के बीच अपने बच्चों को देखभाल गृह में छोड़ देते हैं। वे सोचते हैं कि उनके बच्चे वहां सुरक्षित रहेंगें। लेकिन बेंगलुरू की इस घटना ने मानवता को न केवल शर्मसार कर दिया है। बल्कि, परिजनों को नए सिरे से अपने बच्चों की देखभाल को लेकर सोचने को विवश कर दिया है। ताजा मामला बेंगलुरु स्थित आईटी कंपनी कैपजेमिनी का है, जहां पर कैंपस स्थित क्रेच में काम करने वाली पाँच महिलाओं ने छोटे बच्चों के साथ क्रूरता की सारी हदों को पार करते हुए उन्हें डराने के लिए वाशिंग मशीन में बंद कर दिया। टॉयलेट के पानी से बौछार की।
इस मामले में FIR 29 जून को HAL पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी।
क्या हुआ था?
शिकायतकर्ता तिलकेश कुमार हैं, जो डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट में लीगल-कम-प्रोबेशन ऑफिसर हैं। उन्हें व्हाट्सएप पर कुछ वीडियो मिले, जिनमें बच्चे रोते हुए दिख रहे थे और उन पर कथित तौर पर गलत व्यवहार हो रहा था। 25 जून को इन वीडियो के आधार पर जानकारी मिलने के बाद उन्होंने शिकायत की।
क्रेच कैपजेमिनी के ब्रुकफील्ड कैंपस में है। यहाँ आईटी प्रोफेशनल्स अपने छोटे बच्चों को दिन भर के लिए छोड़कर काम पर जाते हैं। पाँच महिलाएँ बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी पर थीं। इनके नाम हैं मंजुला, विजयलक्ष्मी, भावानी, सिंधु और बिंदु। ये सभी क्रेच में केयरगिवर के रूप में काम करती थीं। लेकिन असल में ये दुधमुंहे बच्चों को प्रताड़ित करती थीं।
आरोप क्या हैं?
पुलिस के मुताबिक, बच्चों की देखभाल करने की बजाय इन पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप हैं। वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि आरोपियों ने रोते बच्चों को वॉशिंग मशीन के अंदर बंद कर दिया, संकरी पाइपों में पानी भरकर बच्चों को वहाँ छोड़ दिया। बाथरूम में बंद कर दिया। साथ ही दूसरे तरीकों से भी डराया-धमकाया और शारीरिक रूप से परेशान किया। सबसे अहम बात ये है कि ये बच्चे 2-3 साल के हैं।
पुलिस की कार्रवाई
व्हाइटफील्ड डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सैदुलु अदावथ ने पुष्टि की कि केस दर्ज हो चुका है। जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी महिलाओं को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। FIR में क्रिमिनल इंटिमिडेशन और बच्चों के प्रति क्रूरता की धाराएँ लगाई गई हैं।
कंपनी का बयान
घटना सामने आने के तुरंत बाद कैपजेमिनी ने अपने कैंपस डेकेयर फैसिलिटी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। कंपनी का आधिकारिक बयान था, “हमारे लिए कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य, सुरक्षा और भलाई सबसे महत्वपूर्ण है। हम जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और तथ्यों की पुष्टि में मदद कर रहे हैं। सावधानी के तौर पर हम बेंगलुरु के ऑन-कैंपस डेकेयर को अस्थायी रूप से बंद कर रहे हैं।”










