नई दिल्ली: मनरेगा की जगह अब नया कानून VB G-RAM-G लागू हो गया है। सरकार ने मजदूरी की नई दरें भी नोटिफाई कर दी हैं। नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है। मनरेगा में यह 298.8 रुपये प्रतिदिन थी। यानी औसतन मजदूरी में 28 रुपये 60 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। 1 जुलाई यानी आज से ही नई मजदूरी दरें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बढ़ाई गई हैं। 300 रुपये प्रतिदिन की नई अंतरिम आधार मजदूरी दर तय की गई है। इससे ये सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अधिसूचित कोई भी मजदूरी इससे कम न हो। सरकार के अनुसार, देशभर में औसतन मजदूरी दरों में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर एक भी दिन काम से वंचित न रहे। वीबी-जी राम-जी (VB G-RAM-G ) कानून का लागू होना समृद्ध गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
कई राज्यों में 15 से 25 फीसदी बढ़ी मजदूरी
सरकार का कहना है कि संशोधित मजदूरी की दरें ऐसे तैयार की गई हैं कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी कम थीं उन्हें अधिक लाभ मिल सके। पहले से अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी बढ़ोतरी हुई है। 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि की गई है। सरकार ने कहा कि हरियाणा में अधिसूचित मजदूरी 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये, जबकि सिक्किम की ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।
VB G-RAM-G में भी मनरेगा जॉब कार्ड रहेंगे वैलिड
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत लोगों को जो जॉब कार्ड मिले थे वे अभी वैलिड रहेंगे। उनके तहत ही नई योजना में भी काम मिलेगा। E-KYC सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं कर दिए जाते। योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। VB G-RAM-G कानून अब ग्रामीण परिवारों को 100 की बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी देता है। मंत्रालय के अनुसार, 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस अधिनियम के लिए बजटीय प्रावधान किए हैं, जबकि 24 राज्यों ने अपनी वीबी-जी राम-जी राज्य योजनाओं को अधिसूचित कर दिया है।












