मध्य प्रदेश

केतन अग्रवाल मर्डर केस: आपत्तिजनक पोस्ट पर डॉ. मुस्कान सोनी 5 साल के लिए सस्पेंड, AIDSA ने छीना कोषाध्यक्ष का पद

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी का बचाव और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने पर मध्य प्रदेश की डॉ. मुस्कान सोनी को AIDSA ने 5 साल के लिए सस्पेंड कर दिया है।

Published by
Shivam Dixit

सतना / भोपाल। पुणे के प्रसिद्ध बिजनेसमैन केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल से जुड़े हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करना मध्य प्रदेश की एक लेडी डॉक्टर को बेहद भारी पड़ गया है। ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. मुस्कान सोनी को संगठन के सभी पदों से मुक्त कर दिया है और उनकी सदस्यता को अगले 5 साल के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया है।

आरोपी डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर इस जघन्य हत्याकांड को कथित तौर पर सही ठहराते हुए आरोपी का बचाव किया था, जिसके बाद देश भर के चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्रों में उनकी भारी थू-थू हो रही थी।

एक नज़र में समझें: डॉ. मुस्कान सोनी पर हुई पूरी कार्रवाई

गूगल डिस्कवर और पाठकों की त्वरित समझ के लिए इस पूरे अनुशासनात्मक एक्शन और केस डायरी का विवरण नीचे दी गई तालिका में संक्षेप में दिया गया है:

कार्रवाई/मामले का मुख्य बिंदुआधिकारिक एवं संगठनात्मक विवरण
संबंधित डॉक्टर का नामडाॅ. मुस्कान सोनी (वर्तमान तैनाती: सतना, मध्य प्रदेश)
कार्रवाई करने वाली संस्थाऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA)
छीना गया मुख्य पदकोषाध्यक्ष (Treasurer) — AIDSA मध्य प्रदेश विंग
निलंबन की अवधि (Suspension Period)05 वर्ष (तत्काल प्रभाव से लागू)
विवाद की मुख्य वजहकेतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी का समर्थन और ‘#IHateMan’ पोस्ट।

#IHateMan हैशटैग लिखकर इंस्टाग्राम पर किया था समर्थन

दरअसल, डॉ. मुस्कान सोनी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक स्टोरी साझा की थी। इस स्टोरी में उन्होंने पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की निर्मम हत्या को न सिर्फ सही ठहराया, बल्कि टिप्पणियों (कमेंट्स) के माध्यम से वे इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के मुख्य आरोपी का बचाव करती हुई भी नजर आईं। अपनी पोस्ट में उन्होंने बेहद आपत्तिजनक हैशटैग ‘I Hate Man’ का इस्तेमाल किया था।

इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर डॉ. सोनी की तीखी आलोचना शुरू हो गई। विवाद बढ़ता देख लेडी डॉक्टर ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी, लेकिन एसोसिएशन ने साफ कर दिया कि अपराध और हिंसा का महिमामंडन करने वाले कृत्य के सामने यह माफी बेहद छोटी और नाकाफी है।

“मृतक के प्रति ऐसा अनादर और हिंसा का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं” — AIDSA

29 जून को सस्पेंशन का आधिकारिक आदेश जारी करते हुए एआईडीएसए (AIDSA) के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट डॉ. दिवाकर मूदौतिया ने डॉक्टर के इस आचरण को घोर अनुशासनहीनता और अनैतिक माना है।

“एसोसिएशन का कोई भी पदाधिकारी या सामान्य सदस्य ऐसे भड़काऊ बयान नहीं दे सकता जो सीधे तौर पर समाज में हिंसा को बढ़ावा देते हों, उसका महिमामंडन करते हों या फिर किसी मृतक के प्रति इस प्रकार का अमानवीय अनादर प्रदर्शित करते हों। डॉ. मुस्कान सोनी ने मृतक के बारे में जो बातें कहीं, वे हमारे संगठन के संविधान, आचार संहिता और नैतिक मूल्यों का पूरी तरह से उल्लंघन हैं। चिकित्सा जैसे संवेदनशील पेशे से जुड़े लोगों से पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर जिम्मेदार सामाजिक व्यवहार की उम्मीद की जाती है।” – डॉ. दिवाकर मूदौतिया, नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट

5 सालों तक किसी भी संगठनात्मक गतिविधि में भाग लेने पर पूर्ण प्रतिबंध

एसोसिएशन द्वारा जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, डॉ. मुस्कान सोनी पर अगले पांच वर्षों के लिए कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं:

  • पद से तत्काल बर्खास्तगी: उन्हें तत्काल प्रभाव से एआईडीएसए मध्य प्रदेश के प्रदेश कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।
  • प्रतिनिधित्व पर रोक: निलंबन की इस लंबी अवधि के दौरान वे किसी भी आधिकारिक हैसियत से एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएंगी।
  • सम्मेलनों में नो-एंट्री: संगठन द्वारा आयोजित होने वाली किसी भी बैठक, शैक्षणिक सम्मेलनों (Conferences) या सांगठनिक गतिविधियों में उनके शामिल होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • जीरो-टॉलरेंस नीति: डॉ. मूदाउटिया ने स्पष्ट किया कि संगठन अपनी गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसी समाज-विरोधी मानसिकता के खिलाफ हमेशा ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति पर ही काम करेगा।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश के मेडिकल और डेंटल सर्जन्स एसोसिएशनों के भीतर भी यह चर्चा तेज हो गई है कि चिकित्सकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते समय अपनी गरिमा और विधिक सीमाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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