नई दिल्ली। कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे और युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद हारिस नलपाद द्वारा आरएसएस के खिलाफ मानहानि टिप्पणी की शिकायत पर बेंगलुरु कोर्ट ने संज्ञान लिया है। दोनों को 21 जुलाई को कोर्ट में तलब किया गया है। दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
बेंगलुरु निवासी तेजस ए ने यह शिकायत दायर की थी। उन्होंने प्रियांक खड़गे, दिनेश गुंडू राव और मोहम्मद हारिस को आरोपी बनाया था। लेकिन कोर्ट ने प्रियांक और मोहम्मद हारिस के खिलाफ धारा 356 के तहत कथित अपराध का संज्ञान लिया। दोनों को समन जारी कर कोर्ट में 21 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया।
तेजस ए की शिकायत के अनुसार खड़गे ने पिछले साल अक्तूबर में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने स्कूलों और मैदानों सहित सरकारी परिसरों में आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया था। प्रियांक ने बाद में सोशल मीडिया पर आरएसएस के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। उस समय मंत्री रहे दिनेश गुंडू राव पर भी आरोप लगाया। उस समय मंत्री रहे दिनेश गुंडू राव पर भी सोशल मीडिया और टेलीविजन मीडिया के साथ बातचीत के दौरान इसी तरह की टिप्पणियां करने का आरोप लगा था। मोहम्मद हारिस ने सोशल मीडिया पर आरएसएस के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।















