शिक्षा

CBSE के लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत! 10वीं तक नहीं बदलनी होगी भाषा, शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला

अब शिक्षा मंत्रालय ने इस पूरे विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए छात्रों को बड़ी राहत दी है। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को अपनी चुनी हुई भाषाएं बदलने की जरूरत नहीं होगी।

Published by
Mahak Singh

सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को लेकर पिछले कुछ महीनों से छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के बीच असमंजस का माहौल बना हुआ था। खासतौर पर वे विद्यार्थी, जिन्होंने पहले ही दो विदेशी भाषाओं का चयन कर लिया था, इस बात को लेकर चिंतित थे कि कहीं नई व्यवस्था के चलते उन्हें अपने विषय बदलने न पड़ जाएं। अब शिक्षा मंत्रालय ने इस पूरे विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए छात्रों को बड़ी राहत दी है। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को अपनी चुनी हुई भाषाएं बदलने की जरूरत नहीं होगी।

नई नीति केवल नए बैचों पर लागू

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, जिन विद्यार्थियों ने तीन-भाषा नीति के तहत दो विदेशी भाषाओं का विकल्प चुना है, वे कक्षा 10 तक उसी भाषा संयोजन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़ने की अनिवार्यता केवल भविष्य के बैचों पर लागू होगी। यह व्यवस्था कक्षा 6 से नए प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए प्रभावी होगी और पहले से पढ़ रहे विद्यार्थियों पर इसे लागू नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि मई 2026 में सीबीएसई ने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया था, जिनमें दो भारतीय भाषाएं शामिल हों। इस घोषणा के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने इसका विरोध किया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह किसी नई नीति की घोषणा नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद प्रावधान को स्पष्ट किया गया है ताकि छात्रों और स्कूलों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे। मंत्रालय के अनुसार, हर साल लगभग 24 लाख छात्र सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा देते हैं, जिनमें केवल करीब 30 हजार छात्र ही दो विदेशी भाषाओं का चयन करते हैं। अब मंत्रालय जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा। इससे सभी सीबीएसई स्कूलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे और छात्रों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के पहले की तरह जारी रह सकेगी।

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