उत्तराखंड

उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर सील, निहंगों की एंट्री पर हाई अलर्ट; रातभर पुलिस-निहंग आमने-सामने

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर निहंगों के प्रवेश की आशंका को देखते हुए विकासनगर (देहरादून) का पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर संभावित टकराव और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

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उत्तराखंड ब्यूरो

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर निहंगों के प्रवेश की आशंका को देखते हुए विकासनगर (देहरादून) का पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर संभावित टकराव और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि रात भर निहंगों और पुलिस के बीच टकराव होता रहा और उनके द्वारा बेरिकेटिंग तोड़ कर उत्तराखंड सीमा में प्रवेश भी किया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती की तो वे वापिस पोंटा साहिब चले गए। उत्तराखंड पुलिस ने भी कुल्हाल पुलिस चौकी को ‘अस्थायी छावनी’ में तब्दील कर भारी पुलिस बल के साथ आईटीबीपी (ITBP) के जवानों को तैनात किया गया।

गुरुद्वारों की व्यवस्था का जायजा लेने की तैयारी

रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में पहले से मौजूद पंजाब से आए निहंगों ने कुछ दिन पहले जानकारी दी थी कि 25 जून को उनके अन्य साथी उत्तराखंड पहुंचेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, यह जत्था पहले चमोली और रुद्रप्रयाग क्षेत्र के गुरुद्वारों का दौरा करेगा और वहां की व्यवस्थाओं तथा हालात की समीक्षा करेगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के हेमकुंड साहिब की ओर रवाना होने की योजना बताई गई है। निहंग प्रतिनिधियों का कहना है कि आने वाला दल यह जानना चाहता है कि उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह दौरा विभिन्न सिख धार्मिक संस्थाओं और पंथिक प्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

संभावित भीड़ और संवेदनशीलता को देखते हुए देहरादून पुलिस ने राज्य की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है। हिमाचल प्रदेश से लगने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां आईटीबीपी, पीएसी और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार भी सक्रिय है। प्रशासनिक अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से यह भी प्रयास किए जा रहे हैं कि सिख प्रतिनिधियों, निहंग जत्थों और स्थानीय प्रशासन के बीच संवाद बना रहे।

डीएम एसएसपी डटे रहे

दोनों राज्यों के बॉर्डर पर तनाव को देखते हुए डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल हालात पर नजर रखने के लिए डटे हुए है वे रात भर फोर्स के साथ मौजूद रहे, आसपास के जिलों की फोर्स भी बॉर्डर पर बुला ली गई। पोंटा तक आने जाने वाले रूट को डाइवर्ट कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने निहंग प्रतिनिधियों से बात चीत जारी रखी हुई है। निहंग कहते है कि उनके चार साथी जोकि कर्ण प्रयाग पुलिस ने जेल भेजे है वो उनकी जमानत के लिए जाना चाहते है, निहंग प्रतिनिधियों ने पुलिस द्वारा किए हुए बर्बरतापूर्ण व्यवहार पर भी गुस्सा जताया और संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। खबर लिखने तक तनाव जारी था और बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखा जा रहा है।

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