इस्लामाबाद/नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को लेकर एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व और मंत्रियों द्वारा भारत के खिलाफ सीधे तौर पर युद्ध छिड़ने की आशंका जताई जा रही है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (संसद) में भारत के कथित ‘ऑपरेशन सिंदूर 2’ (Operation Sindoor 2) को लेकर भारी हड़कंप मचा हुआ है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और प्रमुख विपक्षी नेताओं ने एक सुर में दावा किया है कि भारत नई जल परियोजनाओं और रणनीतियों के माध्यम से पाकिस्तान का पानी रोकने की तैयारी कर रहा है, जो दोनों देशों के बीच एक विनाशकारी युद्ध की वजह बन सकता है।
“अगर भारत ने पानी रोका, तो युद्ध निश्चित है” : ख्वाजा आसिफ
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक हालिया इंटरव्यू में सिंधु जल समझौते पर कहा-
“अगर हमें जरा भी ऐसा लगा कि भारत हमारे हिस्से के पानी को रोक रहा है और नियंत्रण रेखा या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कुछ नए प्रोजेक्ट्स का निर्माण कर रहा है, तो पाकिस्तान के पास सैन्य विकल्प के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। ऐसी स्थिति में हम निश्चित रूप से भारत के खिलाफ जंग करेंगे। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही लगातार पाकिस्तान को पानी बंद करने की धमकी दी है, जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
– ख्वाजा आसिफ, रक्षा मंत्री, पाकिस्तान
पाकिस्तानी संसद में मची खलबली: किसने क्या कहा?
बता दें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के भीतर ‘ऑपरेशन सिंदूर 2’ की गूंज पूरी ताकत से सुनाई दे रही है। यह हम नहीं कहा रहे बल्कि पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान के तीन सबसे बड़े रणनीतिक चेहरों ने जो बयान दिए हैं, उससे यह सपष्ट हो रहा है।
| पाकिस्तानी नेता | नेशनल असेंबली और मीडिया में दिए गए आधिकारिक बयान |
|---|---|
| बिलावल भुट्टो जरदारी (पूर्व विदेश मंत्री व पीपीपी अध्यक्ष) | “भारत बहुत जल्द ‘ऑपरेशन सिंदूर 2’ शुरू करने जा रहा है। यह पाकिस्तान के जल अधिकारों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ देश को एकजुट होना होगा।” |
| ख्वाजा आसिफ (रक्षा मंत्री, पाकिस्तान) | “भारत से किसी भी समय युद्ध छिड़ सकता है। यदि हमारे पानी और बांधों के साथ कोई छेड़छाड़ हुई, तो हमारी सेना जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।” |
| इशाक डार (डिप्टी पीएम एवं विदेश मंत्री) | “भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इस समय बेहद नाजुक हैं। दोनों परमाणु शक्तियों के बीच कभी भी एक बड़ा युद्ध छिड़ सकता है।” |
आखिर क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान के डर की वजह?
रणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान का यह डर अकारण नहीं है। भारत पिछले कुछ समय से सिंधु जल समझौते (1960) के उन प्रावधानों का कड़ाई से उपयोग कर रहा है, जो उसे पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चेनाब) पर बिना पानी रोके ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ पनबिजली परियोजनाएं बनाने की अनुमति देते हैं।
- समझौते की समीक्षा की मांग: भारत ने पहले ही पाकिस्तान को सिंधु जल समझौते में संशोधन के लिए आधिकारिक नोटिस भेज रखा है, जिससे इस्लामाबाद के रणनीतिक गलियारों में घबराहट है।
- आर्थिक बदहाली के बीच नया शिगूफा: पाकिस्तानी संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर 2’ का नाम लेकर युद्ध का माहौल बनाना वहां के आंतरिक राजनीतिक संकट और चरमराती अर्थव्यवस्था से जनता का ध्यान भटकाने का एक पुराना पैंतरा भी हो सकता है।
- जल सुरक्षा पर भारत का कड़ा रुख: भारत का हमेशा से स्पष्ट रुख रहा है कि आतंकवाद और बातचीत या समझौते एक साथ नहीं चल सकते। भारत अपने भौगोलिक और विधिक अधिकारों के तहत नदियों के पानी का अधिकतम और उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।











