अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय व चिकित्सालय का लोकार्पण एवं वीरांगना झलकारी बाई की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या मामले पर भी बोले। उन्होंने कहा कि मेरी अपील होगी सभी रामभक्तों से, अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में सुनने को मिला, हम लोगों ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बिठाई है। मैं कह सकता हूं कि एसआईटी जांच दूध का दूध पानी का पानी करके रहेगी।
मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों अपील करते हुए कहा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी व बातें न हों जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हों। अगर किसी के पास कोई डॉक्यूमेंट है तो वह एसआईटी को उपलब्ध करा दें, एसआईटी जांच करके देगी। रामभक्तों से मेरी विनम्र अपील होगी कि प्रभु राम ने हमे मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। हमने उसी मर्यादा का पालन करते हुए 500 वर्षों तक प्रभु राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है, 15 दिन और देख लें, इंतजार कर लें, चिंता न करें। रामजन्मभूमि को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में कतई न आएं,ये लोग कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए!
जय श्रीराम का नारा लगाने पर ये लोग लाठी-गोली चलवाते थे
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी पावन अयोध्या के नाम पर जय श्रीराम का नारा लगाने पर ये लाठी-गोली चलाते थे। इनके दोहरे चरित्र को देखिये, जो कांग्रेस भगवान राम का मंदिर न बनने पाए उसके लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था, जिस कांग्रेस ने आपके सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बड़ी मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हो गया। तब क्या रामभक्तों का अपमान नही हो रहा था,जब इनके नेता सुप्रीम कोर्ट मे बेशर्मी के साथ शपथपत्र दाखिल करते थे कि राम हुए ही नहीं। श्रीराम के अस्तित्व पर कांग्रेस प्रश्न खड़ा कर रही थी, आज वह मचलती दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी कहती है कि रामभक्तों का अपमान हुआ, रामभक्तों, कारसेवकों पर गोली चलाने वाले और जय श्रीराम बोलने पर लाठी चलवाने वाले लोग आज उपदेश देने चले हैं।
अयोध्या को बदनाम न करें
उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से चरित्र हनन करने का प्रयास न करें,अनावश्यक रूप से अयोध्या धाम को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास न करें,अगर कोई अपराधी है,वह कोई भी होगा, बचेगा नही,यह सुनिश्चित है। ये लोग हमें क्या बताएंगे, जो लोग रामभक्तों को अपमानित करते थे,और जो लोग प्रदेश के कुख्यात माफिया के कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते थे,वो लोग आज रामभक्ति का उपदेश देने चले हैं!
राष्ट्रनायकों का सम्मान राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में वीरांगना झलकारी बाई को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रनायकों का सम्मान, वीरों, वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा भाव हमे राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्रदान करता है। उसी राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा से प्रेरित होकर हमारी डबल इंजन की सरकार ने सरकार बनने के बाद महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, महारानी अवंतीबाई लोधी,वीरांगना झलकारी बाई ,वीरांगना उदा देवी के नाम पर अनेक अभियान प्रारंभ कराए।
वीरांगनाओं के नाम पर बटालियन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पीएसी की 3 नई बटालियन वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी, वीरांगना उदादेवी पासी के नाम पर गठित की। तीनों बटालियन में केवल बेटियां ही भर्ती होंगी। जिन लोगो ने 2017 के पहले शासन किया था, उन लोगों ने कामाख्या धाम को नगर पंचायत क्यों नहीं बनाया, क्यों सड़के नहीं बनाई, क्यों गरीब को तब राशन नहीं मिल पाता था! क्योंकि, उन लोगों में संवेदना नहीं थी,इच्छाशक्ति नहीं थी। उनके लिए अपना परिवार ही सबकुछ है।
नौकरी, सुविधा मिलेगी तो उनके ही खानदान को ही! वो वीरांगना झलकारीबाई की प्रतिमा क्यों लगाते, क्योंकि उनको तो कब्रिस्तान के बाउंड्री से ही फुर्सत नहीं थी, उनकी सोच ही कब्रिस्तान तक सीमित थी।















