भारत के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में आईआईटी दिल्ली ने लगातार दूसरे साल देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में पहला स्थान हासिल किया है। इस बार संस्थान ने वैश्विक रैंकिंग में पांच स्थान की बढ़त के साथ 118वां स्थान प्राप्त किया है। यह किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल की गई अब तक की सबसे बेहतरीन रैंकिंग में से एक है।
क्यों खास है QS रैंकिंग?
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय रैंकिंग में गिनी जाती है। इसे ब्रिटेन की संस्था Quacquarelli Symonds (QS) हर साल जारी करती है। रैंकिंग तय करते समय शिक्षा की गुणवत्ता, शोध कार्य, छात्रों और शिक्षकों का अनुपात, रोजगार के अवसर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की पहचान जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। आईआईटी दिल्ली की इस सफलता को देश के शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में संस्थान ने शोध, नवाचार और उद्योगों के साथ सहयोग पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका सकारात्मक असर अब वैश्विक रैंकिंग में दिखाई दे रहा है।
दूसरी ओर, आईआईटी बॉम्बे की रैंकिंग में इस बार थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल 129वें स्थान पर रहने वाला संस्थान इस बार 134वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि, यह अब भी देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल है। आईआईटी मद्रास ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। संस्थान पिछले साल के 180वें स्थान से आगे बढ़कर 170वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ ही यह वैश्विक स्तर पर शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों में शामिल होने वाला भारत का तीसरा प्रमुख संस्थान बन गया है। अन्य भारतीय संस्थानों में आईआईटी खड़गपुर 205वें, आईआईटी कानपुर और आईआईएससी बेंगलुरु 221वें, दिल्ली विश्वविद्यालय 322वें, आईआईटी रुड़की 335वें और आईआईटी गुवाहाटी 349वें स्थान पर रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश की शूलिनी यूनिवर्सिटी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 452वीं रैंक हासिल की है।













