मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा है कि सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक मोहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से संवाद स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की घटना न होने पाए। मुख्यमंत्री ने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि कानफोड़ू डीजे, ढोल एवं ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। मोहर्रम के जुलूसों में किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। साथ ही, किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए ताजिया की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए। 10 से 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजिया की अनुमति न दी जाए। सभी की आस्था का सम्मान किया जाए, लेकिन नई परम्परा का सृजन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति एवं ऋषि परम्परा की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। इस वर्ष ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम के साथ अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम का प्रदेशभर में सीधा प्रसारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। योग दिवस कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों एवं 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित करने तथा अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास को प्राथमिकता देने व नगरीय क्षेत्रों के 14 हजार वार्डों में कार्यक्रम स्थलों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आगामी 20 जून को नगर विकास, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा शिक्षण संस्थानों के सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने, पुलिस बल की नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने तथा सभी पुलिस लाइन एवं पी0ए0सी0 बटालियनों को योग दिवस कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

















