
कुछ वर्ष पहले दशहरा और मोहर्रम की तारीखें टकराने के कारण मोहर्रम में ताजिया नहीं निकला गया था। इस बार के मोहर्रम को देखते हुए पीस कमेटी की बैठकें की जा रही हैं। प्रयागराज जनपद की एक ताजिया कमेटी ने निर्णय लिया है कि इस बार ताजिया नहीं निकाला जायेगा। इसी के साथ कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने साफ किया है कि जुलूस में किसी भी प्रकार के असलहे, तलवार, लाठी या अन्य घातक हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित है।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी द्वारा परम पुरवा चौकी थाना जूही में कहा-
> जुलूस केवल पूर्व-निर्धारित और प्रशासन द्वारा स्वीकृत मार्गों से ही निकाला जाए। मार्ग में कोई भी बदलाव न करें।
>जुलूस को निर्धारित समय पर शुरू करें और तय समय सीमा के भीतर ही समाप्त करें। इसमें देरी करने से बचें।
>आयोजकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जुलूस के दौरान कोई भी भड़काऊ नारा, भाषण या आपत्तिजनक सामग्री का प्रदर्शन न हो।
> सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं। किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
>जुलूस में किसी भी प्रकार के असलहे, तलवार, लाठी या अन्य घातक हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित है।
>डीजे या तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर का प्रयोग न करें। सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
>जुलूस के दौरान यातायात बाधित न हो, इसके लिए स्वयंसेवक तैनात करें ताकि आपातकालीन वाहनों (एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड) को रास्ता दिया जा सके।
> जुलूस की वीडियोग्राफी की जाएगी। किसी भी प्रकार का कानून उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
> पुलिस की बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरे का सम्मान करें। किसी भी स्थिति में पुलिस के काम में बाधा न डालें।
> आयोजक स्थानीय शांति समिति के सदस्यों के साथ निरंतर संपर्क में रहें।