
11 जुलाई का पंचांग
16 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष ग्रह-नक्षत्र स्थितियों के साथ मंगलवार के रूप में दर्शाया गया है। इस दिन सूर्य, चंद्र और बुध मिथुन राशि में स्थित हैं, जिससे बुद्धि, संवाद और मानसिक सक्रियता का प्रभाव अधिक माना जाता है। वहीं मंगल मेष में, गुरु और शुक्र कर्क में तथा शनि मीन राशि में विराजमान हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा, भावनात्मक संतुलन और कर्मफल की दिशा को प्रभावित करते हैं।
इस दिन चंद्रमा आद्र्रा नक्षत्र में रहेगा और कई महत्वपूर्ण योगों तथा करणों का परिवर्तन भी देखने को मिलेगा। लग्न का परिवर्तन दिनभर में विभिन्न समयों पर अलग-अलग राशियों में होता है, जो मुहूर्त और कार्यों के लिए अलग-अलग प्रभाव उत्पन्न करता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से संबंधित है और धार्मिक, आध्यात्मिक तथा ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। सूर्य का उत्तरायण काल भी जारी है, जिससे दिन शुभ और ऊर्जा से भरपूर माना जाता है।
ग्रह स्थिति
लग्नारंभ समय
तिथि द्वितीया 00.53 बजे रात्र को समाप्त। नक्षत्र आद्र्रा 16.13 बजे को समाप्त। योग वृद्धि 00.35 बजे रात्र को समाप्त। करण बालव 14.40 बजेे तदनन्तर कौलव 00.53 बजे रात्र को समाप्त। चन्द्रायु 0.9 घण्टे