खाड़ी संकट में चलते दुनियाभर में होने वाली उड़ानों पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है। पहले जो उड़ाने कम दूरियां तय करके की जाती थीं, अब उऩके लिए अधिक दूरियां तय करनी पड़ती हैं। इस कारण से उड्यन कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने बताया है कि 2026 में दुनिया भर में एयर पैसेंजर डिमांड तो बढ़ेगी, लेकिन पिछले सालों की तुलना में काफी धीमी गति से। पूरे उद्योग में रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर (RPK) की ग्रोथ सिर्फ 2.1% साल-दर-साल रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट्स के अऩुसार, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि अमेरिका औऱ ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे जेट फ्यूल भी महंगा हो गया है। उससे न केवल महंगाई बढ़ी है, बल्कि उद्योग और पूरी अर्थव्यवस्था दोनों पर दबाव बढ़ गया है। ग्लोबल GDP ग्रोथ 2026 में आधा प्रतिशत कम होकर करीब 2.5% रह सकती है। महंगाई 5% तक पहुंचने की आशंका है, जिससे आम लोगों की खरीद क्षमता घटेगी।
मध्य पूर्व में बड़ी गिरावट
मध्य पूर्व में RPK में 11.4% की तेज गिरावट आने वाली है। यहां एयरस्पेस की सीमाएं, ऑपरेशनल दिक्कतें और ट्रांसफर ट्रैफिक का बड़ा नुकसान मुख्य वजहें हैं। संघर्ष के चलते लंबी दूरी की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
अफ्रीका सबसे तेज बढ़ोतरी
अफ्रीका में 2026 में ट्रैफिक ग्रोथ सबसे ज्यादा 10% रहने का अनुमान है। ट्रैवल रूट्स के बदलने से यह बढ़ोतरी हो रही है, हालांकि आधार (बेस) बहुत छोटा है, इसलिए कुल योगदान सीमित रहेगा।
एशिया पैसिफिक का नेतृत्व
एशिया पैसिफिक क्षेत्र 5.1% की ग्रोथ के साथ वैश्विक बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान देगा। यह पूरी ग्लोबल ग्रोथ का आधे से ज्यादा हिस्सा अकेला संभालेगा। क्षेत्र की मजबूत अर्थव्यवस्थाएं और बढ़ती मांग इसमें मदद कर रही हैं। वहीं यूरोप में पैसेंजर ट्रैफिक 2.8% बढ़ सकता है। मध्य पूर्व की बाधित लंबी उड़ानों के कुछ रूट्स यहां शिफ्ट होने से फायदा मिल रहा है। साथ ही लोग ज्यादा लेजर ट्रिप्स और रिश्तेदारों से मिलने के लिए छोटी दूरी की यात्राएं कर रहे हैं।
लैटिन अमेरिका और उत्तरी अमेरिका
लैटिन अमेरिका में ट्रैफिक 5.0% बढ़ने की उम्मीद है। क्षेत्र की अपेक्षाकृत मजबूत अर्थव्यवस्थाएं इसका आधार हैं। नॉर्थ अमेरिका में ग्रोथ सिर्फ 0.8% रहने वाली है। बाजार पहले से परिपक्व है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ रही है, खासकर घरेलू उड़ानों में। IATA ने कहा कि 2026 में पैसेंजर आउटलुक काफी धीमा तो होगा, लेकिन सकारात्मक रहेगा। क्षेत्रों में ग्रोथ असमान है, फिर भी उद्योग बढ़ रहा है। अचानक और गंभीर बाहरी झटकों के बावजूद यह अपनी अनुकूलन क्षमता दिखा रहा है, क्योंकि लोगों को यात्रा करने की जरूरत बनी हुई है।

















