बिहार के पटना से बड़ी खबर प्रकाश में आ रही है। वहां पाटिलपुत्र स्टेशन पर छात्रों ने रेलवे में बड़ी तोड़फोड़ की। बताया जाता है कि आज (14 जून 2026 को) बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की परीक्षा देने जा रहे छात्र ट्रेन के देर से चलने के कारण नाराज हो गए। उन्होंने स्टेशन पर प्रदर्शन किया, ट्रेनों में तोड़फोड़ की और पत्थरबाजी भी की। इस दौरान रेल आईजी जीतेंद्र राणा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
क्या था पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, आज सुबह छात्र परीक्षा केंद्र की ओर जा रहे थे। परीक्षा केंद्र काफी दूर था, इसलिए वे ट्रेन से जाने की तैयारी में थे। लेकिन पाटलिपुत्र स्टेशन पर कई ट्रेनें देरी से चल रही थीं। इससे छात्रों में गुस्सा बढ़ गया। वे स्टेशन पर जमा हो गए, ट्रैक पर उतर आए और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। छात्र परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे।
आईजी राणा समेत पुलिस पर हमला
जब छात्रों का प्रदर्शन बढ़ने लगा तो रेल आईजी जीतेंद्र राणा वहां पहुंचे। वे छात्रों को समझाने की कोशिश कर रहे थे। रेल एसपी, आरपीएफ और जिला पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी तो स्थिति और बिगड़ गई। छात्रों ने पत्थर फेंके, जिससे आईजी जीतेंद्र राणा और कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों ने ट्रेनों में भी तोड़फोड़ की। स्टेशन परिसर में पत्थर और रोड़े फेंके गए। आईजी राणा ने हालात संभालने के लिए अपनी पिस्तौल निकाली भी। पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया।
रेलवे को हुआ नुकसान
इस हंगामे की वजह से राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें देरी से चलीं। कुछ ट्रेनों का रूट भी बदलना पड़ा। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। स्टेशन पर सैकड़ों छात्र जमा थे, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गए।
आईजी राणा का बयान
रेल आईजी जीतेंद्र राणा ने कहा कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व घुस आए थे। उनका मानना है कि यह हिंसा प्रायोजित भी हो सकती है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज देखकर उपद्रवियों की पहचान कर रही है।











