
भारत के खिलाफ चीन-पाकिस्तान से चल रहा दुष्प्रचार अभियान
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चीन से ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें भारत को जानबूझकर नीचा दिखाया जा रहा है। वे वीडियो भारत के न होकर बांग्लादेश के हैं और उनपर जबरदस्ती भारत की लेबलिंग की गई है। हाल ही में सिंगापुर में कई ऐसे चीनी हैंडल पर प्रतिबंध लगाया गया था, जो भारत के खिलाफ झूठी जानकारी फैला रहे थे।
कई वीडियो जो बांग्लादेश के हैं, वहां के खान-पान के हैं, उन्हें भारत का दिखाकर भारत के प्रति नफरत क्यों फैलाई जा रही है? यह भी पता चला कि चीनी बोट्स और पाकिस्तानी हैंडलर्स ऐसा कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले एक कंटेंट क्रिएटर का एक वीडियो इस दावे के साथ वायरल हुआ कि साउथ कोरियाई पुरुष ने अपने आपको गर्भवती महिला के रूप में बदला और भारत का असली रूप देखने के लिए चला गया। वहां उसे अजीब तरह से घूरा गया, उसे गलत तरीके से छुआ गया! बाद में जो उसका मूल क्रिएटर था, उसने आकर सच्चाई बताई कि होली का वीडियो था, जिसमें उसे अच्छा लगा था, वह भारत का था और उसमें वह अपने रूप में था। गर्भवती महिला बनकर बाहर जाने की बात उसने बांग्लादेश में की थी। मगर अब उसके बांग्लादेश वाले वीडियो को भारत का बताकर भारत के खिलाफ घृणा फैलाई जा रही है।
यह केवल अकेला मामला नहीं था। कई और वीडियो और पोस्ट सामने आए, जिनमें भारत को बदनाम किया गया था। चीन ने कई व्लॉगर्स को पैसे दिए और वे लोग बांग्लादेश जाकर वीडियो शूट कर रहे हैं और वहां वे इन्हें भारत का वीडियो बता कर भारत के खिलाफ घृणा फैला रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनके फॉलोअर्स बहुत हैं।
हाल ही में जहां सिंगापुर ने भारतीयों के खिलाफ झूठ फैलाने वाले चीनी हैंडलर्स पर प्रतिबंध लगाया था, तो वहीं फ्रांस ने भी 12 झूठी चीनी न्यूज वेबसाइट को पकड़ा था, जो चीन समर्थक कंटेन्ट न केवल बना रही थीं, बल्कि उन्हें कई भाषाओं में एआई से अनुवाद करके फैला भी रही थी। ये सभी वेबसाइट्स चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के अंतर्गत राज्य के इशारे पर चलने वाले चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क से जुड़ी थीं।
चीन ऐसा ही हर देश के साथ कर रहा है। मगर भारत के प्रति उसकी घृणा अजीब है। वह भारत की महिलाओं की प्राचीन पोशाकों और वेशभूषा को भी चीन की ही बता रहा है और इंटरनेट पर उन्हें बेच भी रहा है।
अब उसके झूठ का जबाव देने के लिए भारत के कई सोशल मीडिया हैंडलर्स ने शुरुआत की है।
चीन खुद की मक्कारियों को छिपा जाता है। हाल ही में वहां से कुत्तों को लेकर कई वीडियो और समाचार वायरल हुए थे। चीन में कुत्तों का मांस खाया जाता है। एक समाचार था जो बहुत सुर्खियों में रहा था। एक सिलेब्रिटी कुत्ता, जिसके लाखों की संख्या में फॉलोवर्स थे और जो अपने मालिक के दिल का टुकड़ा था। उसे चोरों ने चुराकर न केवल कसाई को महज 27 डॉलर्स में बेचा, बल्कि उसे मारकर उसे उसका मांस भी बेच दिया। मालिक उन दिनों छुट्टी पर बाहर था, तो परिवार के फार्मलैंड से चोर उसे चुरा ले गए थे। चीन में पशु सुरक्षा को लेकर कोई नियम नहीं है। यही घटना चीन के सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के साथ कानून और व्यवस्था की कलई खोलती है। किसी के भी घर में घुसकर कुछ भी चोर चुराकर ले जाएंगे? इसका अर्थ यह हुआ कि चीन में कोई परिवार सुरक्षित नही है। कहीं भी पुलिस नहीं है और पशुओं के प्रति संवेदना तो भूल ही जाया जाए! चीन की नस्लवादी सोच का एक उदाहरण “अश्वेत नताशा” गुड़िया से मिला, जिसे मारकर वे लोग अपना तनाव दूर करते हैं।
सोशल मीडिया पर चीन की गंदगी और षड्यंत्रों के भी वीडियो है।
लोग चीन में अस्पृश्यता के विषय में भी लिख रहे हैं कि कैसे वहां निम्न समझे जाने वाले लोगों की बेटियों को अमीरों के सामने नाचना होता है। कैसे बच्चों के मिड डे मील में पैरों से आटा आदि गूंथकर खाना पकाया जाता है। एक तिब्बती शरणार्थी ने ऐसे कई वीडियो वायरल किये हैं और भारत के प्रति झूठे वीडियो की सच्चाई बताई है। एक वीडियो में उसने चीन में कुत्तों को पकाते हुए दिखाया है। चीन का एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक स्विमिंग पूल या बड़े फाउंटेन में कई लोग मिलकर खाना खाते दिख रहे हैं।
यूजर्स ने चीनी जाति व्यवस्था के विषय में भी लिखा कि कैसे वहाँ पर shi, shang, gong और nong लोग होते हैं। लोगों ने चीन की प्रदूषित नदियों की तस्वीरों को साझा किया है। एक और वीडियो वायरल है, जिसमें गरीब, बेसहारा बूढ़े लोगों का आश्रय स्थल है। उसमे बिस्तर में ही टॉइलेट पॉट बना हुआ है। अर्थात जहां पर ये बेचारे लेटते हैं वहीं पर वे टॉयलेट करते हैं और वहीं पर खाते भी हैं।
इसके साथ ही खुले में या कहें सरकारी संपत्तियों जैसे कि रेलवे स्टेशन और सब वे आदि पर तो लोगों की गंदगी करने अर्थात सूसू-पॉटी करने के वीडियो हैं, मगर साथ ही ऐसी गंदगी लिफ्टस, बस यदि में भी करते हुए वीडियो हैं।
कुत्तों को जिंदा उबालते हुए वीडियो हैं, जो दिल दहलाने के लिए पर्याप्त हैं। और चीन के लोगों के मूल्य क्या हैं ये भी दिखाने के लिए पर्याप्त हैं।
हाल ही में नीट को लेकर चीनी मीडिया भी बहुत सक्रिय था। यह दिखाने का प्रयास किया गया कि चीन में पेपर लीक नहीं होते हैं। मगर उसका यह झूठ भी नहीं छिप पाया। पता चला कि चीन में होने वाली प्रवेश परीक्षा gaokao में जमकर भ्रष्टाचार होता है और नेट पर उसके भ्रष्टाचार से जुड़े हुए आंकड़े और रिपोर्ट मौजूद हैं।
चीन में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कम्युनिस्ट सरकार का नियंत्रण है, इसलिए शायद चीनी बोट्स को यह लगता है कि चीन का झूठ कभी सामने नहीं आ पाएगा, और वह अपनी गंदगी छिपा ले जाएगा, और अपने दोस्त बांग्लादेश के गंदे वीडियो को भारत का दिखाकर भारत को नीचा साबित कर देगा। यहां तक कि बांग्लादेश की कुख्यात ट्रेन, जिसमें लोग ऊपर तक बैठे रहते हैं और ट्रेन से ही रेलवे स्टेशन पर पेशाब भी करते हैं, उसे भी जबरन भारत का बताया जाता है। एआई वीडियो बनाए जा रहे हैं।