13 जून 2026 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से संबंधित है। यह दिन शनिवार है और वर्ष का 164वाँ दिन माना गया है। इस दिन आकाशीय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसमें सूर्य और चंद्र दोनों वृष राशि में स्थित हैं, जो स्थिरता और व्यावहारिकता का संकेत देते हैं।
इस दिन मंगल मेष में, बुध मिथुन में, गुरु और शुक्र कर्क में, शनि मीन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह में स्थित हैं, जो विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं। नक्षत्र के रूप में कृत्तिका का प्रभाव रहेगा, जबकि योग सुकर्मा रहेगा। सूर्योदय के समय लग्न क्रमशः बदलते हुए मिथुन से प्रारंभ होकर वृष तक जाता है, जिससे दिन के अलग-अलग समय में ऊर्जा और प्रभाव में परिवर्तन देखा जाता है।
13 जून 2026 को सूर्योदय के समय की ग्रह स्थिति
ग्रह स्थिति
- सूर्य वृष में
- चंद्र वृष में
- मंगल मेष में
- बुध मिथुन में
- गुरु कर्क में
- शुक्र कर्क में
- शनि मीन में
- राहु कुंभ में
- केतु सिंह में
लग्नारंभ समय
- मिथुन 05.27 बजे से
- कर्क 07.40 बजे से
- सिंह 09.57 बजे से
- कन्या 12.09 बजे से
- तुला 14.19 बजे से
- वृश्चिक 16.34 बजे से
- धनु 18.50 बजे से
- मकर 20.55 बजे से
- कुंभ 22.42 बजे से
- मीन 00.14 बजेे से
- मेष 01.45 बजे से
- वृष 03.25 बजे से
- शनिवार 2026 वर्ष का 164 वां दिन
- दिशाशूल पूर्व ऋतु ग्रीष्म।
- विक्रम संवत् 2083 शक संवत् 1948
- मास ज्येष्ठ पक्ष कृष्ण
- तिथि त्रयोदशी 16.08 बजे को समाप्त।
- नक्षत्र कृत्तिका 01.17 बजे रात्र को समाप्त।
- योग सुकर्मा 17.29 बजे को समाप्त।
- करण गर 05.56 बजेे, वणिज 16.08 बजे तदनन्तर विष्टि 02.16 बजे रात्र को समाप्त।
- चन्द्रायु 24.2 घण्टे
- रवि क्रान्ति उत्तर 230 12Ó
- सूर्य उत्तरायन












