
नई दिल्ली: अमेरिका ने ओमान के तट के पास जिस जहाज एमटी सेट्टेबेलो पर हमला किया उसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से तीन नाविकों की मौत हो गई है। मरने वाले नाविक उत्तर प्रदेश, हिमाचल और आंध्र प्रदेश के थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका को यह नहीं पता था कि वो जिस जहाज पर हमला कर रहा है उसमें भारतीय नाविक सवार हैं। इस घटना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मौजूद भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है।
भारत ने भी इस घटना को बड़ी गंभीरता से लिया है और इस मामले में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत की ओर से कहा गया है कि पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक नौवहन और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए।
अमेरिका ने स्वीकार किया जहाज पर हमला और कही ये बात
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था। जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। हालांकि अमेरिका का यह कोई वाजिब तर्क नहीं है। जिस कारण से भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की है। अमेरिका ने जिस जहाज पर हमला किया था उसमें 24 भारतीय थे। शुरुआत में कहा गया कि 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है और तीन भारतीय लापता है। इसके बाद सूचना आई कि हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है।
UP, हिमाचल और आंध्र प्रदेश के निवासी थे मारे गए भारतीय नाविक
दरअसल पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान का युद्ध फिर से भीषण हो चला है। 104 दिनों से जारी इस युद्ध में दोनों देश एक-दूसरे पर घातक हमले कर रहे हैं। ओमान के तट पर एक जहाज में हुए अमेरिकी हमले में जिन तीन भारतीयों की मौत हुई वो उत्तर प्रदेश के देवरिया, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। जिस जहाज पर हमला हुआ है, वह फिलीपींस के पास बसे देश- पलाऊ के झंडे वाला जहाज है।
मरने वाले में एक नाविक देवरिया जिले के सुरौली गांव का था जिसका नाम शिवानंद चौरसिया है। वह कई महीनों से समुद्र में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। दूसरा भारतीय नाविक हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के आदित्य शर्मा थे। उनकी मौत से परिवार में गहरा सदमा है। आदित्य शर्मा जहाज पर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे। आंध्र प्रदेश के निवासी की पहचान सामने नहीं आई है।