पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। रावलाकोट, कोटली और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनकी वजह से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल देखा जा रहा है। लोगों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है और सड़कों पर लगातार भीड़ जमा हो रही है। इसी बीच सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगहों पर टकराव की खबरें भी सामने आ रही हैं।
PoJK में JKJAAC के आह्वान के बाद विरोध प्रदर्शन और तनाव बढ़ा
जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने हाल ही में क्षेत्र में एक लंबे मार्च का आह्वान किया था। इस आंदोलन का उद्देश्य स्थानीय लोगों की मांगों को सामने लाना बताया जा रहा है। इनमें बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व, मूलभूत सुविधाओं में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव जैसी मांगें शामिल हैं। इस आह्वान के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने इलाकों में सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू हो गया। 9 जून को हुए इस आह्वान के बाद रावलाकोट और कोटली जैसे शहरों में प्रदर्शन और तेज हो गए। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कोटली में लाठीचार्ज के दौरान कई लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
इसी तरह रावलाकोट में भी एक कथित फायरिंग की घटना की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि यहां अचानक हालात बिगड़ गए और सुरक्षा बलों तथा स्थानीय लोगों के बीच तनाव बढ़ गया। इस दौरान भारी हिंसा की बात कही जा रही है, लेकिन अलग-अलग स्रोतों से अलग-अलग जानकारी मिल रही है। स्थिति को और संवेदनशील बनाने में एक और बात सामने आई है कि कुछ जगहों पर मस्जिदों से लोगों को प्रदर्शन के लिए लामबंद करने की घोषणाएं की गईं। इन घोषणाओं में लोगों से अपील की गई कि वे बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर आंदोलन में शामिल हों। इससे क्षेत्र में भीड़ और बढ़ गई और हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। प्रशासन की ओर से हालात को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सबसे बड़ा कदम इंटरनेट सेवाओं को बंद करना बताया जा रहा है, ताकि लोगों के एक साथ इकट्ठा होने और प्रदर्शन के फैलने को रोका जा सके। इसके साथ ही सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।

















