10 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई महत्वपूर्ण ग्रह-स्थितियों और योगों से युक्त है। इस दिन सूर्य वृष राशि में स्थित रहकर स्थिरता और व्यवहारिकता का संकेत देता है, जबकि चंद्रमा मीन राशि में होने से भावनात्मकता और संवेदनशीलता में वृद्धि होती है। मंगल मेष में अपनी प्रबल ऊर्जा के साथ कार्यों में गति प्रदान करता है, वहीं बुध मिथुन में रहकर बुद्धि और संचार क्षमता को सशक्त बनाता है।
गुरु और शुक्र का कर्क राशि में युति संबंध इस दिन को भावनात्मक संतुलन, पारिवारिक सौहार्द और रचनात्मकता से जोड़ता है। शनि मीन में स्थित होकर धैर्य और आत्मनिरीक्षण का भाव बढ़ाता है। राहु कुंभ और केतु सिंह में रहकर कर्म और आत्म-अहंकार के बीच संतुलन का संदेश देते हैं। इस दिन लग्न परिवर्तन भी विशेष है, जो प्रातः से रात्रि तक अलग-अलग राशियों के प्रभाव को दर्शाता है, जिससे पूरे दिन के शुभ-अशुभ प्रभावों में विविधता बनी रहती है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण का यह संयोग 10 जून 2026 को एक संतुलित लेकिन गहराई से प्रभावशाली ज्योतिषीय दिन बनाता है, जिसे धार्मिक कार्यों, योजना निर्माण और आत्मचिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
10 जून 2026 को सूर्योदय के समय की ग्रह स्थिति
ग्रह स्थिति
- सूर्य वृष में
- चंद्र मीन में
- मंगल मेष में
- बुध मिथुन में
- गुरु कर्क में
- शुक्र कर्क में
- शनि मीन में
- राहु कुंभ में
- केतु सिंह में
- लग्नारंभ समय
- मिथुन 05.39 बजे से
- कर्क 07.52 बजे से
- सिंह 10.08 बजे से
- कन्या 12.20 बजे से
- तुला 14.31 बजे से
- वृश्चिक 16.46 बजे से
- धनु 19.02 बजे से
- मकर 21.07 बजे से
- कुंभ 22.53 बजे से
- मीन 00.26 बजेे से
- मेष 01.57 बजे से
- वृष 03.37 बजे से
- बुधवार 2026 वर्ष का 161वां दिन
- दिशाशूल उत्तर ऋतु ग्रीष्म।
- विक्रम संवत् 2083 शक संवत् 1948
- मास ज्येष्ठ पक्ष कृष्ण
तिथि दशमी 00.58 बजे रात्र को समाप्त। नक्षत्र उत्तराभाद्रपदा 09.22 बजे को समाप्त। योग आयुष्मान 06.30 बजे तदनन्तर सौभाग्य 04.03 बजे रात्र को समाप्त। करण वणिज 13.53 बजे तदनन्तर विष्टि 00.58 बजे रात्र को समाप्त। चन्द्रायु 24.2 घण्टे
- रवि क्रान्ति उत्तर 23° 00Ó
- सूर्य उत्तरायन












